कार्तिक का महीना हिंदू धर्म में बहुत महत्व रखता है, जिसे शुभ माना जाता है. इस माह कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार पड़ते हैं और कार्तिक में ही भगवान विष्णु (Lord Vishnu) चार माह के योग निद्रा के बाद जागते हैं और शुभ-मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है. कार्तिक माह का आखिरी दिन यानी कार्तिक पूर्णिमा के दिन को भी बहुत ही पवित्र और शुभ माना गया है. इस दिन देव दीपावली (Dev Deepawali) और गुरनानक जयंती (Guru Nanak Jayanti) का उत्सव मनाया जाता है. इसलिए धार्मिक और आध्यात्मिक रूप में कार्तिक पूर्णिमा के दिन को महत्वपूर्ण माना जाता है. इस साल कार्तिक पूर्णिमा 15 नवंबर 2024 को है.

कार्तिक पूर्णिमा के शुभ दिन पर लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं, सामार्थ्यनुसार दान देते हैं, पूजा-अनुष्ठान और दीपदान जैसे कार्य करते हैं. लेकिन शास्त्रों (Shastra) में कुछ ऐसे भी काम बताए हैं, जिसे इस शुभ दिन पर नहीं करना चाहिए.
कार्तिक पूर्णिमा के दिन अगर आपके द्वार कोई आए तो उसे खाली हाथ न लौटाएं. साथ ही इस दिन गरीब, जरूरतमंद, असहाय और बुजुर्गों से कटु वचन न बोलें.
कार्तिक पूर्णिमा के दिन किसी का भी अपमान करने से बचें. ऐसा करने से देवी-देवता नाराज होते हैं और दोष लगता है.
कार्तिक पूर्णिमा के दिन सात्विक भोजन करना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन भी करना चाहिए.
दान देने के लिए कार्तिक पूर्णिमा का दिन बहुत अच्छा होता है, लेकिन इस दिन चांदी के बर्तन या दूध जैसी चीजों का दान भूलकर भी न करें. इससे चंद्र दोष लगता है और आर्थिक समस्या भी होती है.
इस बात का भी ध्यान रखें कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन घर का कोई भी कमरा अंधेरा न रहे. ऐसा करने से मां लक्ष्मी (Maa laxmi) द्वार से ही लौट जाती हैं.
