दावा- 2025-26 में 7.7% रहेगी वृद्धि दर
नई दिल्ली, उद्योग मंडल पीएचडीसीसीआई का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 6.8 फीसदी और 2025-26 में 7.7 फीसदी की रफ्तार से आगे बढ़ सकती है। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के अध्यक्ष हेमंत जैन ने कहा, पिछले तीन वर्षों से मजबूती से आगे बढ़ने वाला भारत अगले साल यानी 2026 तक जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। उद्योग मंडल ने कहा, वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था उम्मीद की एक किरण के रूप में दिखाई दे रही है। दुनिया की कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं धीमी वृद्धि से जूझ रही हैं, जबकि भारत ने ठोस आर्थिक बुनियाद और सरकारी सुधारों के दम पर उल्लेखनीय प्रगति का प्रदर्शन किया है।
फरवरी में 0.25% घटेगी रेपो दर
पीएचडीसीसीआई के उप महासचिव एसपी शर्मा ने कहा, खुदरा महंगाई कम हो रही है। चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई घटकर 4.5 फीसदी और आने वाली तिमाहियों में चार से 2.5 फीसदी के बीच रह सकती है। खुदरा महंगाई घटने के कारण आरबीआई फरवरी की मौद्रिक समीक्षा में रेपो दर में 0.25 फीसदी कटौती कर सकता है।

40 लाख से अधिक आय वालों पर लगे उच्चतम कर
उद्योग मंडल ने आगामी बजट पर कहा, लोगों के हाथों में खर्च के लायक अधिक आय रखकर खपत को बढ़ावा देना जरूरी है। इसके लिए आयकर की उच्चतम दर सिर्फ 40 लाख रुपये से अधिक सालाना आय वाले व्यक्तियों पर लागू ही होनी चाहिए। साथ ही, आयकर छूट सीमा को भी बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जाना चाहिए।
पीएचडीसीसीआई ने कहा, आज 15 लाख एक मध्यम आय है और इस पर हम उच्चतम टैक्स लगा रहे हैं। इस तरह की मध्यम आय पर कोई उच्चतम दर नहीं होनी चाहिए। अगर हम उपभोग अर्थव्यवस्था हैं, तो उच्चतम दर भी 25 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिए।
