-बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन ह दुबई म हमर देश खातिर चैम्पियन ट्रॉफी क्रिकेट खेलत मोहम्मद शमी ल मैदान म जूस पीयत देख के ए ह इस्लाम म गुनाह आय काहत हे जी भैरा.
-वाह भई.. मैदान म खेलत बेरा जूस पीना ह गुनाह कइसे हो सकथे जी कोंदा?
-वोकर कहना हे- अभी रमजान चलत हे, अइसन म मो. शमी ल रोजा रखना रिहिसे.. रोजा के बेरा म कुछू भी खाना पीना ह गुनाह होथे, जबकि शमी ह भरे मैदान म जूस पीयत हे, जेला लाईव टीवी प्रसारण के माध्यम ले पूरा दुनिया देखिस हे.
-देख संगी मैं दूसर मन के धरम संस्कृति के बारे म तो नइ जानवँ, फेर मोला लागथे के कोनो भी धरम म कोनो बीमार मनखे, लंबा सफर म निकले यात्री या फेर खेल-कूद के प्रतियोगिता म जूझत मनखे मन बर अइसन बिना कुछू खाए पीए रहे वाला नियम लागू नइ होवत होही तइसे लागथे.
-हव जी.. मोहम्मद शमी के समर्थन म आए कुछ मौलाना मन घलो अगसने काहत हें.. फेर मोला ताज्जुब लागथे संगी कोनो भी धरम-पंथ के लोगन अइसन अनफभिक बानी के गोठ ल कइसे बड़ा सहजता के साथ कहि देथें!
-हव जी.. मानवीय संवेदना ले जुड़े गुन तो सबो धरम पंथ म होना चाही.

