नई दिल्ली: अगर आपको केंद्र या राज्य सरकार से पेंशन मिलती है या आपके परिवार में कोई पेंशनर है तो यह खबर आपके काम की है. हाल ही में RBI की ओर से पेंशन से जुड़ा नया नियम जारी किया गया है. नए नियम के मुताबिक अगर केंद्र और राज्य सरकार के रिटायर्ड कर्मचारियों को पेंशन या पेंशन एरियर मिलने में देरी होती है तो जिम्मेदार बैंक को सालाना 8 फीसदी ब्याज देना होगा. रिजर्व बैंक (RBI) के नए नियम के मुताबिक ब्याज का यह पैसा बैंक की ओर से पेंशनर को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा.

बैंकों के लिए जारी हुआ नया नियम
RBI ने हाल ही में सरकारी पेंशन देने वाले बैंकों के लिए नया नियम जारी किया है. केंद्रीय बैंक ने यह आदेश इसलिए दिया है ताकि अगर पेंशन या बकाया पेंशन देने में देरी हो रही है तो पेंशनर्स को ब्याज का पैसा मिल सके. यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि कई पेंशनर्स शिकायत कर रहे थे कि उन्हें बढ़ी हुई पेंशन और बकाया पैसा मिलने में देरी हो रही है.
8 फीसदी प्रति वर्ष की दर से ब्याज दिया जाएगा
नए नियम के मुताबिक पेंशन देने वाले बैंकों को पेंशन देने में देरी होने पर पेंशनर्स को मुआवजा देना होगा. उन्हें बकाया पेंशन पर सालाना 8 फीसदी ब्याज देना होगा. नियम के तहत यह भी साफ तौर पर कहा गया है कि अगर बैंक तय तारीख के बाद पेंशन या उसके बकाया पैसे देने में देरी करते हैं तो उन्हें हर साल 8 फीसदी की दर से ब्याज देना होगा. इसके अलावा देरी से मिलने वाली पेंशन पर ब्याज अपने आप पेंशनर के खाते में जमा हो जाना चाहिए.
पेंशन और ब्याज का पैसा एक ही दिन जमा होगा
नए नियम के तहत कहा गया है कि जब बैंक बढ़ी हुई पेंशन या बकाया पेंशन राशि खाते में जमा करेगा, तो उसी दिन ब्याज का पैसा भी जमा हो जाएगा. यह नियम 1 अक्टूबर 2008 के बाद सभी विलंबित पेंशन भुगतानों पर लागू होगा. इसके लिए पेंशनभोगी को अलग से दावा करने की जरूरत नहीं होगी. आरबीआई ने बैंकों से पेंशन भुगतान करने वाले अधिकारियों से सीधे पेंशन आदेश की प्रति तुरंत प्राप्त करने का तरीका बनाने को भी कहा है.
