धमतरी: उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में लगे कैमरों में कई जंगली जानवरों की तस्वीरें और वीडियो कैद हुए हैं. जंगल में लगे ट्रैप कैमरे में 100 से ज्यादा अलग-अलग प्रजातियों के पक्षी और पशु के मूवमेंट कैप्चर हुए हैं. तेंदुआ, कबरबिज्जू, भालू, कोटरी, उड़ने वाला गिलहरी, हाथी सहित 100 से ज्यादा अलग अलग प्रजातियों के पक्षी ट्रैप कैमरे में नजर आए हैं.

उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व प्रशासन की उपलब्धि: उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया “उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व प्रशासन पिछले कई सालों से इस दिशा में काम कर रहा है कि वन्य प्राणियों को सुरक्षित रहवास उपलब्ध कराया जा सके. उदंती की टीम ने लगभग 700 हेक्टेयर अतिक्रमण क्षेत्र को मुक्त कराया है. जिससे वन्य प्राणियों को सुरक्षित रहवास उपलब्ध हो पाया है. 40 से अधिक एंटी पोचिंग ऑपरेशन भी शिकारियों के ऊपर किया गया है. उसी का नतीजा और प्रयास है कि वन्य प्राणियों के तस्वीरे हम ले पाए है.”
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व
वरुण जैन ने आगे बताया “टाइगर रिजर्व में हर साल कैमरा ट्रैकिंग एक्सरसाइज किया जाता है. इस साल वृहद पैमाने पर वन्य प्राणियों के तस्वीरें कैद हुई है. जिसमें हाथी, तेंदुआ, लकड़बग्घा, सांभर, चीतल, हिरण नजर आए हैं. टाइगर रिजर्व में 100 से ज्यादा पक्षियों की प्रजाति पाई जा रही है. जैसे Malabar Pied hornbill वह भी कैमरे में कैद हो रहे हैं. इसके अलावा Giant squirrel भी जंगल में उपलब्ध हैं. Otters के भी कई प्रजातियां उपलब्ध हैं. जो जैव विविधता को दर्शा रहा है, और एक अच्छा पारिस्थितिक तंत्र की ओर इशारा कर रहा है.”
अच्छे रहवास से हाथियों ने बनाया सुरक्षित ठिकाना: वरुण जैन ने बताया कि ओडिशा से आए हुए हाथियों ने टाइगर रिजर्व को अपना रहवास बना लिया है. हाथी अब बाहर के क्षेत्र में जाकर उत्पात कम मचा रहे हैं और ज्यादा से ज्यादा समय वे टाइगर रिजर्व में बिता रहे हैं. इसी प्रकार से मानव वन्यप्राणी द्वंद में इन्हीं प्रयासों की वजह से काफी कमी आई है.
