धमतरी: राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक सोमवार को धमतरी पहुंची. राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने जिला पंचायत सभा कक्ष में महिला उत्पीड़ने से जुड़ी शिकायतों को सुना. डॉ किरणमयी नायक ने प्रदेश स्तर की 318 शिकायतों और जिला स्तर पर आठवीं सुनवाई की.

महिला उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई: महिला आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि बस्तर जैसे एरिया में सबसे ज्यादा महिलाएं जागरूक हैं. हम जब बस्तर दौरे पर गए थे तो हमें लगा महिलाएं रो धोकर आएंगी. लेकिन वहां महिलाएं रो धोकर नहीं आती, घरेलू मामले को लेकर बस्तर की महिलाएं नहीं आती हैं. जबकि कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न के मामले को लेकर आती हैं.
”बस्तर की महिलाएं हैं काफी एडवांस और जागरुक”: बस्तर के कई जिलों में दो, तीन या चार पत्नियों को रखे का चलन भी है. ये उनके लिए ऑब्जेक्शनेबल नहीं है. इसलिए घरेलू मामलों की शिकायत नहीं करती हैं. किरणमयी नायक ने कहा कि बीजापुर, नारायणपुर भी हम गए. हमें पारिवारिक पति पत्नी के मामले नहीं मिले. जबकि अलग अलग कैटेगरी के मामले मिले. इसलिए हम उन्हें कम पढ़े लिखे या जागरूक नहीं कह सकते हैं. वहां जागरूकता का स्तर हर लेवल पर है. और बस्तर में महिलाएं काफी एडवांस हैं.
माता पिता से महिला आयोग की अपील: राज्य महिला आयोग की अध्यश्र ने कहा कि शादी का प्रलोभन देकर गलत काम करने के मामले में पहले जो रेप की 376 की धारा होती थी उसमें हमने कई सालों तक वकालत किया हुआ है. यदि पीड़िता की उम्र 16 वर्ष से अधिक होती थी तो अपराध प्रूफ नहीं माना जाता था. कंसेंट यदि है और कहीं ना कहीं से साबित कर दिया तो पहले इतना आसान नहीं होता था. कंसेंट को साबित करना अब तो काफी आसान हो गया है. क्योंकि आवेदिका खुद शिकायत में लिखवाती है. ऐसा सहमति से था, विवाह का प्रलोभन देकर था. नायक ने कहा कि एक बार, दो बार, तीन बार प्रलोभन हो सकता है लेकिन 2 साल, 3 साल, 6 साल प्रलोभन नहीं हो सकता. आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि पेरेंट्स बच्चों और बहनों पर नजर रखें.
