कोरबा /कोयला मंत्रालय के कमर्शियल माइनिंग के तहत 36 कोल ब्लाकों की चल रही नीलामी की प्रक्रिया में पांचवें प्रयास के पहले दिन 16 ब्लाकों की नीलामी की गई। इनमें छत्तीसगढ़ की दतिमा कोल ब्लाक को श्री सीमेंट लिमिटेड ने व पुरुंगा ब्लाक को सीजी नेचुरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड ने हासिल कर लिया है। वहीं छत्तीसगढ की दो और कोल ब्लाक गारे-पेलमा सेक्टर चार-दो व सेक्टर चार-तीन के नीलामी की प्रक्रिया चल रही। इन संयुक्त खदानों के लिए सर्वाधिक 15 कंपनियों ने बोली लगाई है। इसमें बाल्को व जिंदल भी शामिल हैं।

कोयला मंत्रालय ने तीन नवंबर 2022 को छठवें दौर व पांचवें दौर के दूसरे प्रयास के कमर्शियल माइनिंग के लिए कोयला खदानों की नीलामी शुरू की थी। इसमें 36 कोल ब्लाक शामिल हैं। इसके लिए 59 कंपनियों ने 96 बोलियां जमा की थी। इनमें कुछ सरकारी कंपनियां भी शामिल हैं। 27 फरवरी को ई-नीलामी की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। पहले दिन 10 कोल ब्लाक नीलाम किए गए। इन ब्लाकों में कुल 18660 लाख टन कोयला का भंडार है। दूसरे दिन 28 फरवरी को 4880 लाख टन कुल भंडारण क्षमता वाली छह और कोल ब्लाक की नीलामी की गई। यहां बताना होगा कि देश में कोयले की बढ़ती मांग को देखते हुए कोयला मंत्रालय ने कमर्शियल माइनिंग के क्षेत्र में एक और कदम बढ़ाया है। वर्ष 2019-20 में कोयला आयात 24.80 करोड़ मिट्रिक टन के शिखर पर पहुंच गया था। कोयला मंत्रालय के प्रयास से वर्ष 2020-21 के दौरान यह घट कर 21.50 करोड़ मिट्रिक टन और 2021-22 में 20.90 करोड़ मिट्रिक टन हुआ। इस बीच 2022-23 में कोरोना का असर कम होते ही उद्योगों में कामकाज पूरी क्षमता से होने लगी। साथ ही कुछ नए उद्योग भी शुरू हुए। इसका असर यह रहा कि इस साल देश में अचानक 20 फीसद बिजली की मांग बढ़ गई। इसके साथ ही कोल इंडिया को बिजली संयंत्रों में कोयला आपूर्ति की चुनौती का सामना करना पड़ रहा। कोल इंडिया को चालू वित्तीय वर्ष में सात हजार लाख टन कोयला उत्पादन करना है। इससे कहीं ज्यादा कोयले की डिमांड है। नए कोल ब्लाक विकसित होने से घरेलू कोयले में वृद्धि होगी और आयात नहीं करना पड़ेगा।
दतिमा में 1,330 लाख व पुरूंगा में 2,600 लाख टन का भंडार
छत्तीसगढ़ के आवंटित किए गए सूरजपुर के दतिमा कोल ब्लाक में 1,330 लाख टन कोयले का भंडार है।इससे भैयाथान, कुमदा व राई प्रभावित होंगे। बिश्रामपुर-भटगांव मार्ग पर स्थित दतिमा कोल ब्लाक भूमिगत कोयला खदान के रूप में संचालित होगा। यहां आठ किलोमीटर वर्ग क्षेत्र में कोयले का भंडार है। जिसमें से 2.78 किलोमीटर वर्ग क्षेत्र में कोयला उत्पादन होगा। खदान की आयु 13 बर्ष बताई गई है व यहां का कोयला जी सात ग्रेड का है। रायगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले पुरूंगा कोल ब्लाक से कुकदर, तरफभंजली, समर सिंगल गांव प्रभावित होंगे। यहां 2,600 लाख टन कोयले का भंडार है।
