दुर्ग: छत्तीसगढ़ के स्टील सिटी के रूप में मशहूर दुर्ग भिलाई शहर अब आयुर्वेद के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाएगा. सीएम विष्णुदेव साय ने रविवार को दुर्ग में राज्य की पहली हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट की शुरुआत जामगांव में की है. यह छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहसंघ के तहत खोली गई है. इसके तहत स्फीयर बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड हर्बल्स एक्सट्रैक्शन इकाई और केंद्रीय भंडार गृह का शुभारंभ हुआ है.

लाभकारी सिद्ध होगी यह परियोजना: सीएम साय ने इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए का कि यह परियोजना पूरे छत्तीसगढ़ के लिे फायदेमंद साबित होगी. आज आयुर्वेद का महत्व तेजी से बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी अहमियत को समझते हुए अलग से आयुष मंत्रालय की स्थापना की है. आयुर्वेद न केवल बीमारियों का इलाज करता है बल्कि उसे जड़ से समाप्त करने की क्षमता रखता है.
छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है,जहां विविध प्रकार की औषधीय पौधे पाए जाते हैं. इसी क्षमता को पहचानते हुए इस हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट की स्थापना की गई है. इससे न केवल आयुर्वेदिक औषधियों का उत्पादन बढ़ेगा बल्कि करीब 2000 लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलेगा.- विष्णुदेव साय, सीएम, छत्तीसगढ़
सीएम ने वैद्यराज हेमचंद मांझी का किया उल्लेख: इस अवसर पर सीएम साय ने वैद्यरात हेमचंद मांझी का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जड़ी-बूटियों की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर हो चुकी है. यह यूनिट प्रदेश के विकास में नया आयाम जोड़ेगा. यह पहल छत्तीसगढ़ को आयुर्वेद और वनोपज आधारित उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा. इससे छत्तीसगढ़ को काफी फायदा मिलेगा.
