रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। कोरोनाकाल के बाद पहली बार केंद्रों में बैठकर परीक्षा दे रहे छात्रों के मन में परीक्षा को लेकर भय बना हुआ था। इसे दूर करने के लिए आठ दिन पहले ही हमने हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है। प्रदेशभर के परीक्षार्थी और अभिभावक इस नंबर पर काल करके अपनी समस्या बता रहे हैं। विशेषज्ञ उनका समाधान भी कर रहे हैं। 10वीं और 12वीं के दो-दो पेपर हो चुके हैं। प्रदेश के अतिसंवेदनशील केंद्रों में भी परीक्षाएं बिल्कुल शांतिपूर्ण चल रही हैं। हमने खुद सूरजपुर जिले के संवेदनशील केंद्रों का निरीक्षण किया है। मार्च के अंतिम सप्ताह से कापियों का मूल्यांकन शुरू हो जाएगा। 15 से 20 मई तक परिणाम जारी करने का प्रयास है। बोर्ड परीक्षा के काम में लगे अधिकारी, कर्मचारियों के मानदेय में 25 फीसद की बढ़ोतरी की गई है। यह कहना है माशिमं के सचिव प्रो. वीके गोयल का। प्रस्तुत है मनीष मिश्रा के साथ उनकी हुई बातचीत के मुख्य अंश…
सवाल- कोरोनाकाल के बाद पहली बार आफलाइन परीक्षा दे रहे छात्र परीक्षा को लेकर काफी घबराए हुए हैं। इसके लिए आप क्या कर रहे हैं?
जवाब- 12वीं के छात्र पहली बार बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं। 10वीं में उन्हें जनरल प्रमोशन मिल गया था। छात्रों के आसपास रहने वाले लोग ही उनके मन में परीक्षा को लेकर भय पैदा करते हैं। इसे दूर करने के लिए ही बोर्ड ने परीक्षा के पहले ही हेल्पलाइन नंबर शुरू कर दिया था। इसका लाभ परीक्षार्थियों को मिल रहा है। बोर्ड परीक्षा भी स्कूलों में ली जाने वाली परीक्षाओं की तरह है। इसके प्रश्न भी श्ािक्षक ही बनाते हैं। मूल्यांकन भी वही करते हैं। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर छात्रों को डरने की जरूरत नहीं है। बिना किस भय के परीक्षा दें। परिणाम बेहतर ही आएंगे।
सवाल- कापियों का मूल्यांकन कब से शुरू होगा? परिण्ााम कब तक आएंगे?
जवाब- कापियों का मूल्यांकन मार्च के अंतिम सप्ताह से शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए केंद्र बनाए जा चुके हैं। एक शिक्षक एक दिन में 30 से 40 कापी का मूल्यांकन कर सकते हैं। 15 से 20 मई के बीच परीक्षा परिणाम जारी करने का लक्ष्य है, ताकि छात्रों को दूसरे कोर्सेस में प्रवेश लेने में किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
सवाल- बोनस अंक का लाभ क्या मेरिट सूची में भी मिलेगा?
जवाब- छात्रों को खेलकूद सहित अन्य गतिविधियों के लिए बोनस अंक दिए जाते है। हम इसके लिए लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) को पत्र लिख चुके हैं। डीपीआइ की तरफ से बोनस अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की सूची मिलती है। बोनस अंक छात्रों की मेरिट में नहीं जुड़ेंगे। छात्र किसी विषय में अनुत्तीर्ण हो रहा है, तो बोनस अंक के सहारे पास हो जाएगा, लेकिन मेरिट में नहीं आ सकते।
सवाल- बोर्ड परीक्षा में काम कर रहे कर्मचारी मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उस पर क्या निर्णय ले रहे हैं?
जवाब- बोर्ड परीक्षा में काम कर रहे कर्मचारियों की मांग को देखते हुए हमने एक दिन पहले ही माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यपालिका और वित्त समिति की बैठक में मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था, जिसकी स्वीकृति मिल गई है। कर्मचारियों को वर्तमान में मिल रहे मानदेय में 25 फीसद की बढ़ोतरी की गई है। कापी मूल्यांकन दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 10वीं की एक कापी के लिए 10 रुपये और 12वीं के लिए 11 रुपये दिए जाते हैं। इस साल इसी दर में मानदेय दिया जाएगा।
सवाल- धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बने परीक्षा केंद्रों में सुचारू रूप से परीक्षा संचालित करने के लिए क्या प्रयास कर रहे हैं?
जवाब- माशिमं की तरफ से धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील केंद्र घोषित किया गया है। परीक्षा को सुचारू रूप से पूर्ण कराने के लिए इन केंद्रों में सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है। हालांकि अभी तक इन परीक्षाओं में किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं आई हैं। उन्होंने बताया कि वे खुद सूरजपुर जिले में बने संवेदनशील केंद्रों में जाकर औचक निरीक्षण कर चुके हैं। वहां एक भी नकल प्रकरण नहीं मिला है।
सवाल- माशिमं की हेल्पलाइन में शहरी क्षेत्रों के छात्र ज्यादा काल करते हैं। बस्तर, दंतेवाड़ा से कम काल आ रहे है। वहां पर जागरूकता के लिए क्या करेंगे?
जवाब- शहरी क्षेत्रों में समाचार-पत्रों के माध्यम से छात्रों को हेल्पलाइन शुरू होने की जानकारी मिल जाती है लेकिन बस्तर, दंतेवाड़ा जैसे सुदूर अंचल के छात्रों तक यह सूचना नहीं पहुंच पाती। इसका उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। हम शिक्षकों के माध्यम से हेल्पलाइन शुरू होने की सूचना प्रचारित कराते हैं। समाचार-पत्र इन क्षेत्रों के लिए प्रकाश्ाित होने वाले अखबार में इस तरह की सूचनाओें को अनिवार्य रूप से देें, जिससे ऐसे दूरस्थ्ा क्षेत्रों के बच्चे भी इसका लाभ उठा सकें।

