चोरी के शक में पीट-पीटकर मार डाला, परिजनों के साथ शव लेने नहीं गई पुलिस की टीम
बलरामपुर-रामानुजगं। गुजरात में खेड़ा जिले के वनसोल गांव में छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की मॉब लिंचिंग हो गई। मृतक रामकेश्वर खेरवार बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर का रहने वाला था और गुजरात कमाने-खाने के लिए गया था। चोरी के शक में वनसोल गांव के लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अहमदाबाद के सिविल अस्पताल लेकर आई, जहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।स्थानीय पुलिस के मुताबिक घटना रविवार-सोमवार की रात को हुई है। फिलहाल पूरे मामले पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या, दंगा, गैरकानूनी तरीके से एक जगह जमा होने समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। लेकिन अब तक मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
अस्पताल ले जाने से पहले मौत
पीडि़त परिवार के मुताबिक रामकेश्वर पहले भी गुजरात जाकर मजदूरी कर चुका है। उसका ठेकेदार के पास पहले का 2500 रुपए बाकी था। रविवार रात ठेकेदार से अपने 2500 रुपए लेकर वो वापस अपने घर लौट रहा था। रात बहुत हो गई थी। तभी वनसोल गांव में लोगों ने उसे चोरी के शक में पकड़ लिया और लाठी-डंडों से खूब पीटा। इससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया था। अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।मृतक के परिजन शव लेने के लिए गुजरात रवाना हो गए हैं। गुजरात जाने से पहले एक परिजन ने बताया कि रामकेश्वर खेरवार (30 वर्ष) वाड्रफनगर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम हरीगवां का रहने वाला था। वो 16 मार्च को मजदूरी करने घर से गुजरात के लिए निकला था। मृतक के 3 बच्चे हैं। पत्नी और 3 बच्चे मडऩा गांव में रहते हैं
रामकेश्वर खेरवार ने अपने ससुराल मडऩा में ही घर बनाया थाद्य जहां वो पत्नी और तीनों बच्चों के साथ रहता था। परिजनों ने बताया कि उनके साथ बलरामपुर से पुलिस टीम साथ नहीं गई है। सूचना मिलने पर वे खुद शव लेने जा रहे हैं।