धमतरी: कहते हैं कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो मुश्किल से मुश्किल कार्य आसान हो जाता है. ऐसा ही एक कठिन काम किया है धमतरी के नक्सल प्रभावित गांव बोड़रा के प्राचार्य महेंद्र कुमार बोर्झा ने किया है. माध्यमिक शाला बोड़रा की तस्वीर इन्होंने अपने शिक्षा से बदल कर रख दी है. यही वजह है कि धमतरी से 100 किलोमीटर दूर रहने के बाद भी यहां के बच्चे बेहतर शिक्षा हासिल कर रहे हैं.

नक्सल प्रभावित गांव के बच्चे बोल रहे फर्राटेदार अंग्रेजी: माध्यमिक शाला बोड़रा नक्सल प्रभावित क्षेत्र स्थित है. इसके बावजूद प्राचार्य महेंद्र कुमार बोर्झा और अन्य शिक्षकों की मेहनत से इस स्कूल ने शिक्षा में बेहतर प्रतिमान स्थापित किया है. आज अच्छे से अच्छे सरकारी स्कूल और प्राइवेट स्कूल को यह विद्यालय मात दे रहा है. बच्चों को नए तरीके से इंग्लिश पढ़ाने की वजह से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है. इस सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे इंग्लिश में माहिर हो चुके है. इंग्लिश में बात करते है, इंग्लिश में पढ़ते हैं और इंग्लिश में सवाल जवाब के लिए बच्चे एकदम तैयार रहते हैं.यानी फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं.
“13 साल की मेहनत से सबकुछ हुआ मुमकिन”: माध्यमिक शाला बोड़रा के प्राचार्य महेंद्र कुमार बोर्झा ने बताया कि उन्हें बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में कुल 12 से 13 साल लगे. बीते 13 साल से वे इस स्कूल में शिक्षा दे रहे हैं. यहां 1200 की जनसंख्या है. अब इस स्कूल में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं. वे अपने घर में भी इंग्लिश में बात करते हैं. बच्चों में एक नए तरीके का आत्मविश्वास पैदा हो रहा है.
मैंने बच्चों को अलग तरीके से अंग्रेजी की शिक्षा देने की ठानी. उन्हें खेल खेल में रोचक तरीके से इंग्लिश का ज्ञान दिया. उन्हें अंग्रेजी से डर न लगे इसके लिए हमने सामान्य स्तर पर होने वाली बातचीत को अंग्रेजी में करने के लिए प्रेरित किया. मैं रोजाना बच्चों को एक घंटे से ज्यादा तक स्पोकन इंग्लिश सीखाता हूं- महेंद्र कुमार बोर्झा, प्राचार्य, माध्यमिक शाला बोड़रा, धमतरी
Principal of Secondary School Bodra
माध्यमिक शाला बोड़रा के प्रिंसिपल (ETV BHARAT)
सर की पढ़ाई की टेक्निक से हमें काफी अच्छा लगता है. उनके साथ पढ़ाई करने में मजा आता है. हम अब इंग्लिश बोलना सीख चुके हैं- कुमारी मानवी नेताम,छात्रा
माध्यमिक शाला बोड़रा बना मॉडल स्कूल: महेंद्र कुमार बोर्झा ने बताया कि इस स्कूल को मॉडल बनाने में गांव के साथ-साथ स्कूल के टीचर और बच्चों का योगदान है.प्रिंसिपल का उद्देश्य है कि बच्चों को नौकरी के प्रति नहीं बल्कि बच्चों को जीवन जीने की कला सिखाना है.जिससे बच्चे पढ़ लिखकर अपने जीवन में आगे बढ़े और जीवन में तरक्की कर सकें. इस स्कूल से पढ़ाई करके बच्चे जो निकले है उनमे से आज कई बच्चे देश सेवा में नौकरी कर रहे हैं. गांव का पूरा सहयोग और स्कूल के टीचर का सहयोग मिल रहा है.जिसके कारण स्कूल का नाम हो रहा है और यह मॉडल स्कूल बन पाया.
स्कूल सुबह 10 बजे लगता है लेकिन बच्चों को सुबह 9 बजे बुलाकर उनसे जनरल नॉलेज की बात की जाती है. यह सब अंग्रेजी में होता है. इसके अलावा शॉर्ट रिसेस और छोटे ब्रेक में भी बच्चे ब्रेक न लेकर एक साथ इकट्ठा होकर अंग्रेजी सीखते हैं. यह सब प्रिंसिपल सर की मेहनत से हो रहा है- गौरी साहू, शिक्षिका, माध्यमिक शाला बोड़रा, धमतरी
स्कूल में कितने छात्र छात्राएं पढ़ रहे ?: इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चो की बात करें तो इस स्कूल में क्लास 6वीं से 8वीं तक के बच्चों की पढ़ाई की जाती है. यहां कुल 47 विद्यार्थी पढ़तें है. इस स्कूल में सभी विषयों की पढ़ाई अच्छे से होती है. खासकर इंग्लिश की पढ़ाई पर विशेष फोकस किया जा रहा है. बच्चों को इंग्लिश में फर्राटेदार पढ़ाई कराई जाती है. बच्चे आसानी से इंग्लिश बोलते हैं. इंग्लिश में पढ़ाई करते है, बातचीत करते है और इंग्लिश में सवाल जवाब भी करते हैं.
गांव वाले स्कूल के प्रदर्शन से खुश: स्कूल में होने वाली पढ़ाई किसी भी निजी और बेहतर सरकारी स्कूल से कम नहीं है.माध्यमिक शाला बोड़रा के प्रदर्शन से यहां के लोग काफी संतुष्ट है. गाव वालों की मांग है कि जो प्रिंसिपल बच्चों को पढ़ाने में बेहतर काम कर रहे है.उन्हें शासन प्रशासन की ओर से सम्मान भी मिलना चाहिए.
हमारे स्कूल के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल रही है. हम लोग तो जीवन में अंग्रेजी नहीं बोल पाए.हमारे बच्चे अच्छे से अंग्रेजी बोल रहे हैं. उनका यह विकास देखकर हमें काफी खुशी हो रही है- नंदकिशोर पुजारी, अध्यक्ष, शाला प्रबंधन समिति, माध्यमिक शाला बोड़रा
Sarpanch of Bodra
बोड़रा के सरपंच (ETV BHARAT)
आज हमारे बच्चे देश की सेवा में अच्छे पदों पर तैनात हैं. कोई डिफेंस में है तो कोई अन्य सेक्टर में अफसर है. स्कूल के प्रदर्शन से हम खुश हैं- शत्रुघन नाग, सरपंच, ग्राम पंचायत बोड़रा, धमतरी
कलेक्टर ने की स्कूल और प्रिंसिपल की तारीफ: स्कूल को अपने शिक्षण तकनीक से आगे बढ़ाने पर धमतरी के कलेक्टर बेहद खुश हैं.उन्होंने वनांचल गांव बोड़रा में शिक्षा की बेहतरी को लेकर किए गए प्रयास की सराहना की है. कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा है कि वे शासन स्तर पर इस स्कूल और प्रिंसिपल की जो भी मदद होगी करेंगे.
