रायगढ़। शहर की टै्रफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दो-तीन साल पहले नगर निगम द्वारा वेंडिंग जोन व नॉन वेंडिंग जोन स्थलों का चयन किया गया था, जिसमें नॉन वेंडिंग जोन में दुकान लगाने वालों पर कार्रवाई की जाती थी, जिसके चलते कुछ दिनों तक तो व्यवस्था ठीक रहा, लेकिन अब यह व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। जिसके चलते फिर से यातायात व्यवस्था जस की तस बन गई है। हालांकि इसकी जानकारी निगम को भी है, लेकिन अब कार्रवाई करने की बजाय इनके द्वारा व्यवसायियों से टैक्स लेकर छोड़ दिया जा रहा है, ऐसे में नॉन वेंडिंग जोन का बोर्ड तो लगा है, लेकिन इसके नियमों का पालन नहीं हो रहा है। ऐसे में लोगों का कहना है कि इन दिनों भीड़-भाड़ वाले शहर के चौक-चौराहों में अवैध तरीके से दुकानों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन कार्रवाई किसी पर नहीं हो रही है। ऐसे में अब सवाल यह भी खड़ा होने लगा है कि व्यवस्था सुधरने के नाम पर जहां निगम द्वारा हजारों रुपए के बोर्ड लगाया गया वह बोर्ड अब नियमों के पालन नहीं होने से बेकार नजर आने लगा है, इसके साथ ही जहां सुघर रइगढ़ की परिकल्पना की जा रही थी, वह भी नजर नहीं आ रहा है, जिसको लेकर अब लोगों के मन में कई तरह के सवाल भी खड़े होने लगे हैं।
जगह-जगह फैल जाती है गंदगी
शहर के नॉन वेंडिंग जोन में ठेला-गुमटी लगाने वाले संचालकों द्वारा दुकान तो लगाई जाती है, लेकिन जब रात होती है और दुकान को बढ़ाते हैं तो सारे कचरे को वहीं पर छोड़ जाते हैं, जिससे हवा चलने के कारण सडक़ों में उड़ते नजर आता है। ऐसे में इन व्यवसायियों द्वारा कचरा कहां डालना है, इसके नियमों को पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके चलते सुबह में कुछ कचरे उठता है तो कुछ कचरे उडकऱ नालियों में पहुंच जा रहा है, जिससे आए दिन नालियां भी जाम नजर आ रही है।
इन स्थानों पर लग रही दुकानें
गौरतलब हो कि निगम द्वारा शहर के भीड़ वाले स्थानों पर नॉन वेंडिंग जोन का बोर्ड लगाया गया है, लेकिन उसी जगहों पर ज्यादातर दुकानें लग रही है। जिसमें सत्तीगुढ़ी चौक, बेटी बचाओ चौक, ओवरब्रिज के नीचे, जिला अस्पताल के सामने, गोपी टाकीज रोड, शहीद चौक के साथ चक्रधरनगर चौक स्थित कमला नेहरू पार्क के सामने बड़ी संख्या में दुकानें लग रही है। साथ ही पार्क के सामने तो दुकान लग रही रही है, इसके साथ ही सडक़ के दोनों तरफ शाम के समय ठेला सज जाता है, और वहां से निकलने वाले कचरे को बगैर व्यवस्थित किए ही ठेला संचालक चले भी जाते हैं।
निगम नहीं कर रही कार्रवाई
नगर निगम द्वारा शुरू-शुरू में नियमों को पालन करने के लिए काफी कड़ाई किया गया था, लेकिन अब खुला छुट दे दिया गया है। वहीं कई ठेला संचालकों का कहना है कि शाम होते ही निगम के कर्मचारी आते हैं और बगैर पर्ची के पैसे लेकर जाते हैं, इस दौरान अगर कोई विरोध करता है तो ठेला हटाने की धमकी देते हैं। ऐसे में यह कहा जा रहा है कि निगम एक तरफ बोर्ड भी लगाया और दूसरी तरफ सह भी दे रहा है, जिसके चलते अवैध तरीके से ठेला-गुमटी का संचालन हो रहा है। इसके बाद भी निगम के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिसका खामियाजा शहरवासी भुगत रहे हैं।

