बलरामपुर: जिले में धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सिस्टमैटिक बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने आज धान खरीदी केंद्रों का दौरा किया. कलेक्टर ने औचक निरीक्षण कर ये जांचा कि सभी केंद्रों में तय मानकों के तहत खरीदी हो रही या नहीं. कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने विकासखंड बलरामपुर और रामानुजगंज के विभिन्न धान खरीदी केंद्रों में पहुंचकर तौलाई, टोकन व्यवस्था, किसानों से खरीदी की स्थिति और केंद्रों की व्यवस्थाओं की मैदानी स्तर पर समीक्षा की.

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर): कलेक्टर ने जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के चल रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया. कलेक्टर ने विकासखंड बलरामपुर के ग्राम जाबर, पचावल तथा विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम पंचायत भवरमाल पहुंचकर एसआईआर प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी हासिल की. संबंधित बीएलओ और कार्य से जुड़े अधिकारियों से पूरी जानकारी हासिल की.
कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने किया औचक निरीक्षण: कलेक्टर ने धान खरीदी निरीक्षण के दौरान महराजगंज, तातापानी, भवरमाल, रामानुजगंज, खरीदी केंद्र पहुंचे. जांच के दौरान कलेक्टर ने कर्मचारियों की उपस्थिति, अब तक खरीदे गए धान की स्थिति, तौल मशीनों का सत्यापन, ड्रेनेज सिस्टम, फेंसिंग, साफ-सफाई, बारदाने की उपलब्धता, स्टेंसिल, टोकन प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी हासिल की.
सीसीटीवी की जांच की: कलेक्टर ने धान खरीदी केंद्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की. कलेक्टर ने स्टॉक रजिस्टर, बारदाना रजिस्टर सहित सभी जरूरी दस्तावेजों को चेक किया और खुद धान की आर्द्रतामापी यंत्र से धान की नमी मापकर गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति की जांच की.
धान खरीदी केंद्र: केंद्र प्रभारी और समिति सदस्यों को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि किसानों को समय पर टोकन उपलब्ध कराए जाए चाहिए. साथ ही तुलाई के दौरान किसी भी प्रकार की देरी या असुविधा न हो इस बात का ध्यान रखने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए. खरीदी केंद्रों में सभी व्यवस्थाएं नियमों के अनुरूप पूरी तरह सुनिश्चित रहे इसपर कलेक्टर ने जोर दिया.
धान खरीदी नियमों के तहत पारदर्शी तरीके से की जाए. हमनें अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. खरीदी सीज़न के दौरान सतत निगरानी रखें और किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए: राजेंद्र कटारा, कलेक्टर, बलरामपुर
कलेक्टर ने धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करते हुए कहा कि शासन के निर्देशानुसार फड़ तक धान पहुंचाने की जिम्मेदारी किसान की होगी, जबकि इसके बाद की जिम्मेदारी समिति प्रबंधक की होगी. इसके लिए किसानों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा. कलेक्टर ने नियमानुसार हम्मालों को सप्ताहिक आधार पर भुगतान कर खरीदी व्यवस्था को सुचारू रखने के निर्देश भी दिए.
तुहर टोकन मोबाइल ऐप: कलेक्टर ने कर्मचारियों को तुहर टोकन मोबाइल ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए, ताकि किसान घर बैठे अपनी सुविधानुसार टोकन प्राप्त कर सकें. निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उपस्थित किसानों से सीधे संवाद किया. किसानों ने उन्हें खरीदी प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं और सुझावों से अवगत कराया. कलेक्टर ने सभी बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि प्रशासन का उद्देश्य किसानों को अधिकतम सुविधा उपलब्ध कराना है और किसी भी समस्या का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा.अवैध धान आवक पर रोक: कलेक्टर ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिला सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण अन्य राज्यों से अवैध धान परिवहन की संभावना बनी रहती है. ऐसे में यदि किसानों या स्थानीय नागरिकों को कहीं भी अवैध धान या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें. कलेक्टर ने भरोसा दिया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी. कलेक्टर ने कहा कि अवैध धान की वजह से खरीदी केंद्रों में अनियमितता बढ़ती है और वास्तविक किसानों को परेशानी होती है. इसलिए सभी किसान धान खरीदी नियमों का पालन करें और किसी भी गड़बड़ी की तत्काल सूचना दें.अंतरराज्यीय जांच नाका का निरीक्षण: कलेक्टर ने रामानुजगंज अंतरराज्यीय जांच नाका का भी निरीक्षण किया. राजेंद्र कटारा ने सीमा पर तैनात अधिकारियों से वाहन जांच, निगरानी व्यवस्था और अवैध धान परिवहन पर रोक को लेकर विस्तृत जानकारी ली. कलेक्टर ने निर्देश दिया कि सीमा पर सतर्कता बढ़ाई जाए, सभी वाहनों की सघन जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए.संकलित फार्म के डिजिटाइजेशन के निर्देश: SIR को लेकर कलेक्टर ने सभी बीएलओ को पात्र मतदाताओं के गणना पत्रक सावधानीपूर्वक भरने और सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए हैं. कलेक्टर ने वॉलंटियर्स बनाने, जिनमें पंचायत सचिव और शिक्षित युवाओं को शामिल करने, तथा संकलित फार्मों के डिजिटाइजेशन में गति लाने के निर्देश दिए.
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