

कोरिया: मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत जिला प्रशासन की टीम आज डोहड़ा और पोटेदण्ड ग्राम पंचायत पहुंची. यहां स्टॉप डैम से बह रहे पानी को रोककर जल संचय का बेहतरीन उदाहरण ग्रामीणों के सामने पेश किया गया.कलेक्टर और CEO लगातार चला रहे अभियान: कोरिया जिले की कलेक्टर चंदन त्रिपाठी और जिला पंचायत CEO आशुतोष चतुर्वेदी पिछले साल से ही पानी की समस्या से निपटने के लिए ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं. “आवा पानी झोंकी” नारे के साथ बरसात का पानी रोकने और उसे जमीन में समाने देने के गुर गांव-गांव सिखाए जा रहे हैं.
स्टॉप डेम में पानी रोकने का प्रशिक्षण: अभियान को आगे बढ़ाते हुए जिला प्रशासन की टीम डोहड़ा और पोटेदण्ड पहुंची, जहां ग्रामीणों की मदद से स्टॉप डेम में बचे हुए पानी को रोकने की प्रक्रिया सिखाई गई.
इस तरह मिलेगा फायदा
हैंडपंपों में पानी सूखने से बचेगा
भू-जल स्तर में बढ़ोतरी होगी
आने वाले सालों में पानी की समस्या कम होगी
जल संसाधन विभाग का संदेश: जल है तो जीवन है
कार्यक्रम में मौजूद जल संसाधन विभाग के जिलाधिकारी ने कहा कि “जल है तो जीवन है, और जीवन है तभी भविष्य है.” उन्होंने बताया कि पानी का संरक्षण केवल प्रशासन नहीं, बल्कि सभी के सहयोग से ही संभव है.
ग्रामीणों में बढ़ रही जागरूकता: कोरिया जिला प्रशासन लगातार गांवों में पहुंचकर जल संरक्षण का महत्व समझा रहा है. प्रशासन को विश्वास है कि आने वाले वर्षों में ग्रामीणों के सहयोग से जिले का भू-जल स्तर बेहतर होगा.
