
नारायणपुर : अबूझमाड़ जैसे दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाके, जहां पहुंचना अपने आप में चुनौती है, वहां शासन की योजनाएं जमीन तक कैसे उतरें. इसका जीवंत उदाहरण बनीं कलेक्टर नम्रता जैन. नियद नेल्लानार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को परखने और संवारने के लिए उन्होंने 110 किलोमीटर का कठिन सफर बाइक से तय किया और जंगल, कच्चे रास्ते और नदी नालों को पार कर ग्राम जाटलूर तक पहुंचीं.

बाइक से गांव पहुंचकर लिया जायजा
15 जनवरी को शुरु हुए इस अनूठे दौरे में कलेक्टर जैन ने अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम ढोंढरबेड़ा, कुड़मेल और जाटलूर का क्रमवार निरीक्षण किया. ढोंढरबेड़ा स्थित बालक आश्रम में उन्होंने भोजन, पेयजल, स्वच्छता, शौचालय और आवासीय व्यवस्था का औचक जायजा लिया. बच्चों से सीधे संवाद कर शिक्षा की गुणवत्ता परखी और संतोषजनक जवाब मिलने पर बच्चों का उत्साह बढ़ाया. शौचालय, खेल सामग्री और अधीक्षक आवास कक्ष निर्माण की मांग पर प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए.
स्वास्थ्य और सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं
कलेक्टर नम्रता जैन जब कुड़मेल गांव पहुंचीं तो माहौल और भी भावुक हो उठा. बालक आश्रम में बच्चों के साथ राष्ट्रगान गूंजा. एक ऐसा दृश्य जिसने प्रशासन की मौजूदगी को भरोसे में बदला. कलेक्टर ने शिक्षकों को बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए, खासकर मच्छरदानी के नियमित उपयोग करने के निर्देश दिए. बच्चों की ओर से खेल सामग्री और जूतों की मांग पर त्वरित व्यवस्था का आश्वासन दिया गया. मितानिनों की दवाई पेटी, आवास और गोटुल निर्माण की मांग भी सुनी गई. वहीं 12वीं उत्तीर्ण स्थानीय युवा मोतीलाल वडडे को अतिथि शिक्षक के रूप में बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया.
जाटलूर गांव में यूनिफॉर्म बांटा
दुर्गम रास्तों और नदी-नालों को पार कर कलेक्टर जैन जब ग्राम जाटलूर पहुंचीं, तो उन्होंने बालक आश्रम में बच्चों को स्कूली यूनिफॉर्म वितरित की.शिक्षकों से उपस्थिति, भोजन, पेयजल और स्वच्छता की जानकारी ली गई. बाउंड्रीवॉल, अतिरिक्त कक्ष, टेबल-बेंच और दैनिक उपयोग की सामग्री की मांग पर प्रस्ताव सहायक आयुक्त को भेजने का भरोसा दिया गया.
नियाद नेल्लानार की जमीनी हकीकत को परखा
इसके बाद जाटलूर के बाजार स्थल और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया गया. ग्रामीणों ने गोटुल में शेड, देवगुड़ी निर्माण, प्रधानमंत्री आवास, राशन दुकान संचालन और आश्रित ग्रामों में आंगनबाड़ी भवन निर्माण जैसी मांगें रखीं. कलेक्टर ने सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन देते हुए नियद नेल्लानार योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के निर्देश दिए.
अबूझमाड़ की दुर्गम धरती पर कलेक्टर नम्रता जैन का यह बाइक दौरा सिर्फ निरीक्षण नहीं, बल्कि भरोसे और संवेदनशील प्रशासन का संदेश था.110 किलोमीटर का यह सफर बताता है कि जब योजनाओं को ईमानदारी से जमीन तक पहुंचाने का जज्बा हो, तो जंगल, नाले और दूरियां भी बाधा नहीं बनतीं.इस दौरान एडिशनल एसपी अजय कुमार, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता संजय चौहान, पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता विनय सहित दूसरे अधिकारी मौजूद रहे.
