- किसान हैं पिता, आईआईटी से की है इंजीनियरिंग
रायपुर। 06 मार्च 2026|संघ लोक सेवा आयोग के परिणाम में छत्तीसगढ़ के एक किसान परिवार की बेटी ने अ प्रदेश का नाम रोशन किया है। 24 वर्षीय दर्शना सिंह, जिन्होंने अपने पूरे स्कूल की पढ़ाई गांव से की है, 383 रैंक लेकर आईपीएस चयन सूची में शामिल हुई हैं। इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त की। दर्शना सिंह जिले की पहली महिला अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने यूपीएससी में चयनित होने का गौरव हासिल किया है।

दर्शना सिंह मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के जनकपुर की रहने वाली हैं। दर्शना की मां सीमा सिंह नगर पंचायत जनकपुर की पार्षद हैं और पिता अरुण सिंह किसान हैं। दर्शना ने 12वीं तक की पढ़ाई अपने गांव के मुख्यमंत्री DAV पब्लिक स्कूल, भगवानपुर से पूरी की और गणित विषय लेकर परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद आईआईटी कानपुर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
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पांचवीं कक्षा से अफसर बनने का सपना, दूसरे प्रयास में मिली सफलता
दर्शना ने बताया कि जब वह पांचवीं कक्षा में थीं, तभी से प्रशासनिक अधिकारी बनने की तमन्ना उनके मन में थी। अच्छे अंक लाने पर उनके पिता ने उन्हें यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रेरित किया। बीटेक की डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली में कोचिंग की, जहां 1 साल तक उन्होंने मुख्य परीक्षा की तैयारी की। वैकल्पिक विषय के रूप में उन्होंने समाजशास्त्र चुना, जिसे उन्होंने इंजीनियरिंग के दौरान भी पढ़ा था। उन्होंने कहा कि विषय का चुनाव हमेशा रुचि के अनुसार करना चाहिए, ताकि बिना बोर हुए लगातार पढ़ाई की जा सके।
पहले प्रयास में दर्शना प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास कर साक्षात्कार तक पहुंची, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया। हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में 383 रैंक लेकर आईपीएस चयनित हो गई।
साक्षात्कार के लिए सामाजिक तैयारी
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दर्शना ने बताया कि मुख्य परीक्षा की तैयारी किताबों से होती है, लेकिन साक्षात्कार के लिए माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों से मार्गदर्शन लिया। उन्होंने अपने गांव, जिले और प्रदेश के विषय में गहन जानकारी प्राप्त की। उनका कहना है कि इंटरव्यू में केवल आधे घंटे में पूरे जीवन का ज्ञान निचोड़ कर दिखाना पड़ता है।
आईएएस के लिए तीसरा प्रयास
दर्शना फिलहाल आईपीएस सेवा ज्वाइन करेंगी, लेकिन ट्रेनिंग के दौरान आईएएस बनने के लिए तीसरा प्रयास भी करेंगी। यदि किसी कारण से आईएएस में चयन नहीं होता तो वे एक ईमानदार और योग्य पुलिस अधिकारी बनने की पूरी कोशिश करेंगी। उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत और रिजल्ट की चिंता न करना सफलता की कुंजी है।
कलेक्टर–एसपी ने दी बधाई
दर्शना जिले से यूपीएससी में चयनित होने वाली पहली महिला हैं। आईपीएस चयन पर उन्हें जिले की एसपी रत्ना सिंह और कलेक्टर राहुल वेंकट ने बधाई दी। अधिकारियों ने कहा कि दर्शना की सफलता जिले के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी। आईपीएस रत्ना सिंह ने बधाई देते हुए कहा कि मेरी तरफ़ से दर्शना और उनके परिवार वालों को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई। मुझे पूरा यक़ीन है कि दर्शना की इस उपलब्धि से ज़िले के अन्य बच्चे और बच्चियां भी निश्चित रूप से UPSC की तैयारी करने और उसमें सफल होने के लिए प्रेरित होंगे।
