
- टाटा करेगा 91 हजार करोड़ का निवेश
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और डच सेमीकंडक्टर उपकरण बनाने वाली बड़ी कंपनी ASML ने भारत में चिप मैन्युफैक्चरिंग को संभव बनाने के लिए हाथ मिलाया है. इस समझौते की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान की गई. ASML लिथोग्राफी उपकरणों की एक श्रेणी में अपनी मोनोपॉली के लिए जानी जाती है, जो एडवांस और छोटे आकार के सेमीकंडक्टर के उत्पादन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. बयान में कहा गया कि इस साझेदारी के माध्यम से, ASML गुजरात के धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के आगामी 300 mm (12 इंच) सेमीकंडक्टर फैब (फैक्ट्री) की स्थापना और उसके सफल संचालन में सहायता करेगी. यह सहयोग भारत और नीदरलैंड के बीच सेमीकंडक्टर तकनीक जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्र में बढ़ते रणनीतिक सहयोग के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण कदम है.
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स भारत का पहला सेमीकंडक्टर वेफर फैब्रिकेशन प्लांट स्थापित कर रही है, जिसमें 91,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा. बयान में आगे कहा गया कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML के बीच सहयोग का मुख्य उद्देश्य धोलेरा फैब के लिए ASML के एडवांस लिथोग्राफी उपकरणों और समाधानों के संपूर्ण सेट को लागू करना होगा. ASML की उद्योग-अग्रणी तकनीकों के उपयोग से भारत के पहले वाणिज्यिक 300 mm सेमीकंडक्टर फैब में निर्बाध संचालन सुनिश्चित होने की उम्मीद है. यह साझेदारी स्थानीय प्रतिभाओं के प्रशिक्षण में तेजी लाने, लिथोग्राफी-केंद्रित कौशल विकास को बढ़ावा देने, और साथ ही सप्लाई चेन (supply chain) की मजबूती सुनिश्चित करने पर भी ध्यान केंद्रित करेगी.
एएसएमएल करेगी टाटा की मदद
चिप मैन्युफैक्चरिंग में लिथोग्राफी के महत्व को देखते हुए, दोनों कंपनियां आरएंडडी के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करेंगी, जो भारत में स्थापित होने वाले इस पहले फैब की दीर्घकालिक सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के CEO और MD, रणधीर ठाकुर ने कहा कि संपूर्ण लिथोग्राफी समाधानों में ASML की गहरी विशेषज्ञता यह सुनिश्चित करेगी कि धोलेरा में हमारा फैब समय पर पूरी तरह से चालू हो सके. साथ ही यह हमारे वैश्विक ग्राहकों के लिए एक मजबूत और विश्वसनीय सप्लाई चेन का निर्माण करेगी, इनोवेशन को बढ़ावा देगी और स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं का विकास करेगी.”
एमओयू पर हुए साइन
ASML के प्रेसिडेंट और CEO, क्रिस्टोफ फूके ने कहा कि भारत का तेजी से विस्तार करता सेमीकंडक्टर सेक्टर कई आकर्षक अवसर प्रस्तुत करता है, और हम इस क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारियां स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि आज इस समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, और हम टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स तथा उसके व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं. उन्होने कहा कि हमारा मानना है कि Tata Electronics सेमीकंडक्टर क्षमताओं के विस्तार के अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक मजबूत स्थिति में है.
टाटा का टारगेट
Tata Electronics की धोलेरा यूनिट का लक्ष्य ऑटोमोटिव, मोबाइल डिवाइस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में विभिन्न उपयोगों के लिए सेमीकंडक्टर बनाना है, ताकि दुनिया भर के ग्राहकों को सेवा दी जा सके. Tata Electronics ने प्रमुख वैश्विक ग्राहकों और इकोसिस्टम कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारी की है, जिसकी शुरुआत PSMC (Powerchip Semiconductor Manufacturing Corporation, Taiwan) से हुई. इससे कंपनी को 28nm (नैनोमीटर), 40nm, 55nm, 90nm और 110nm सहित टेक्नोलॉजी के एक बड़े पोर्टफोलियो तक पहुंच बनाने में मदद मिली.
