गरियाबंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाने पहुंची महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूप कुमारी चौधरी के समक्ष शुक्रवार को देवभोग नगर पंचायत उपाध्यक्ष सुशील यादव के नेतृत्व नगरवासियों ने 14 किमी दूर धर्मगढ़ से गुजरने वाली रेल सेवा से जोड़ने की मांग की। लोगों से चर्चा के दौरान सांसद ने कहा कि पहले किसी ने मांग नहीं की थी। अब आवेदन मिला है तो निश्चित रूप से विस्तार की मांग रखेंगे।

गौरतलब है कि ओडिशा सीमा से लगे देवभोग क्षेत्र के 40 किमी की परिधि में कई सालों से रेल सेवा का लाभ ओडिशा के लोग ले रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोग इससे वंचित हैं। वहीं माह भर पहले ओडिशा के राज्यसभा सांसद ने जूनागढ़ से राजिम रेल लाइन को जोड़ने की मांग रेल मंत्री के पास रखी थी।
स्थानीय सांसद की प्रतिक्रिया पर नगरवासियों ने कहा कि कालाहांडी, नुआपड़ा और नवरंगपुर इलाके में लगातार रेल परियोजना के विस्तार के लिए ओडिसा के सांसद और जनप्रतिनिधि अपने अपने स्तर पर प्रयास जारी रखे हैं। आगामी 5 साल के भीतर इन तीनों जिले में रेल लाइन विस्तार दिखेगा।
ओडिशा सांसद सुजीत कुमार ने लिया था स्वतः संज्ञान
दरअसल, ओडिशा राज्य के राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने 8 मई को रेल मंत्री अश्वनी कुमार वैष्णव से भेंट कर रेल परियोजना विस्तार के लिए 4 मांगें रखी थी. तीसरी मांग में उन्होंने राजिम से धर्मगढ़ सिंगल लाइन की मांग रखी है, जो गरियाबंद देवभोग होते नेशनल हाइवे 130 से गुजरेगी। मांग में बताया कि एनएच 26 बल्धियमाल को एनएच 30 अभनपुर से जोड़ा जा सकता है।
ओडिशा सांसद का जताया आभार
ओडिशा सांसद के इस पहल पर देवभोग क्षेत्रीय समाधान मंच ने आभार व्यक्त किया है। मंच के प्रमुख कन्हैया मांझी ने कहा कि हैरानी की बात है जिन्हें ये मांग केंद्र में स्वतः रखनी चाहिए, उन्हें आवेदन का इंतजार था। उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्र में सक्रिय पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों ने दौरे पर आए संसद और अन्य सत्तासीन जनप्रतिनिधियों के समक्ष दर्जनों छोटी-बड़ी समस्या की मांग रखी, पर पूरी नहीं हुई।
15 साल पहले से उठी मांग, दो सांसदों ने भी पटल में रखा
देवभोग गरियाबंद रेल लाइन विस्तार अथवा ओडिशा से लाइन जोड़ने तात्कालीन सांसद चंदूलाल साहू और चुन्नी लाल साहू ने अपने स्तर पर केंद्र सरकार के समक्ष मांग रखी थी। संसद पटल में भी इसकी मांग रखी गई थी। 2012 में इसके लिए सर्वे भी हुआ पर आमदनी और अभयारण्य का हवाला देकर परियोजना की फाइल बंद कर दी गई।
सिमलीपाल के तर्ज पर मिल सकती है मंजूरी
इस लाइन की विस्तृत जानकारी रखने वाले भवानीपटना के अधिवक्ता एसके राउत ने कहा कि बिलासपुर-खड़गपुर को जोड़ने वाले एनएच 49 पर 4 लेन लाइन की मंजूरी मिली है। इस लाइन में आने वाले सिमलीपाल टाइगर रिजर्व ने सुरक्षा मानक और विशेष स्ट्रक्चर के शर्तों पर वन डायवर्शन की मंजूरी दे दिया है। वैसे ही 185.5 किमी लंबी राजिम धर्मगढ़ लाइन के बीच आने वाले उदंती सीतानदी अभ्यारण में भी किया जाना संभव है।
राउत ने बताया कि पहले हुए सर्वे में 230 किमी लंबी लाइन बताया गया, जो 185 किमी में भी संभव था। आमदनी के लिए भी लाइन को घने जंगलों के बजाए रहवासी क्षेत्र, जो कि ओडिसा में आते हैं, वहां से गुजार कर सर्वे दोबारा करने की आवश्यकता है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रयास से यह लाइन संभव हो सकेगा।
