बलरामपुर: शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेने कलेक्टर चंदन त्रिपाठी लगातार फील्ड में उतरकर दौरा कर रही हैं. बुधवार को कलेक्टर कोठीखाड़ के स्कूल पहुंची. इस दौरान उन्होंने छात्र छात्राओं की कॉपी किताबें देखी. उनसे पढ़ाई से संबंधित सवाल जवाब किया. कलेक्टर बच्चों के जवाब से तो कुछ हद तक संतुष्ट नजर आई लेकिन टीचर को उन्होंने ठीक से पढ़ाने की सीख दी. कोठीखाड़ के स्कूल पहुंची कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने बच्चों से सिलेब्स से जुड़े कुछ सवाल जवाब किया. इस दौरान कुछ छात्रों ने जवाब दिया लेकिन कुछ उत्तर देने में संकोच करते नजर आए. कलेक्टर ने बच्चों से खुद भी प्रश्नों को सॉल्व करने को लेकर प्रेरित किया.

वहीं स्कूल के टीचर से बात करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सभी बच्चे काफी तेज है. हालांकि जियोग्राफी सब्जेक्ट में पुराने पाठ के प्रश्न उत्तर नहीं कराने को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई. कलेक्टर ने टीचर से कहा कि पहले पुराने पाठ के सभी प्रश्न उत्तर और दूसरे क्रियाकलाप करने के बाद ही आगे बढ़े.
तलैयापारा प्राथमिक शाला में कलेक्टर ने बच्चों से पूछा कि उन्हें समय पर यूनिफॉर्म और किताबें मिली हैं या नहीं उन्होंने बच्चों से पाठ भी पढ़वाया और पढ़ने के साथ-साथ सुंदर एवं स्पष्ट लेखन पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही. इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर की साफ सफाई, मिड डे मील का भी जायजा लिया. संबंधितों से मध्यान्ह भोजन में हरी सब्जियों को शामिल करने के निर्देश दिए.बालक छात्रावास में कलेक्टर ने सुरक्षा और सुविधाओं का लिया जायजा
बलरामपुर कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने विकासखंड वाड्रफनगर स्थित प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास इंजानी का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया, इस दौरान उन्होंने छात्रावास की स्वच्छता, पेयजल, बिजली, सुरक्षा, भोजन की गुणवत्ता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया.
कलेक्टर ने बच्चों से की बात
कलेक्टर ने छात्रावास में निवासरत विद्यार्थियों से बात कर उनकी पढ़ाई, दिनचर्या, भोजन एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली. बच्चों की बातें ध्यानपूर्वक सुनते हुए उन्होंने उन्हें बड़े सपने देखने और मेहनत व लगन से साकार करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने को कहा.
कलेक्टर ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. उन्होंने रसोई में उपलब्ध सामग्रियों और उनके रख-रखाव का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों के सोने वाले कमरे में खिड़की में जाली नहीं होने पर तत्काल जाली लगाने के निर्देश दिए. छात्रावास के कमरों को और ज्यादा सुव्यवस्थित रखने के लिए संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
