
रायपुर। जब पूरा देश स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहा था, देश भर में बच्चों के विभिन्न कार्यक्रम हो रहे थे, माता – पिता अपने बच्चों को देश भक्ति के कार्यक्रमों में ले जा रहे थे, तब मुजगहन, रायपुर स्थित एक निजी विद्यालय आर के सारडा विद्या मंदिर रोजाना की तरह नन्हें स्कूली बच्चों की क्लास लगा कर उन्हें बिठाए रखा !
इसमें कोई संदेह नहीं कि शिक्षा बच्चों के लिए अति आवश्यक है, जितनी पढ़ाई कराएंगे उतना अच्छा भविष्य बनेगा बच्चों का, पर संविधान ने शिक्षा व्यवस्था ने, देश की एजुकेशन पॉलिसी ने वर्ष में कुछ दिवस अवकाश-देशभक्ति और विषयांतर्गत विशेष दिनों के लिए संरक्षित रखे हैं, उस दिन पढ़ाई कराने का प्रश्न ही नहीं जब तक बहुत आवश्यक ना हो, भारत में 10 माह स्कूल लगते हैं अब क्या वह भी कम पड़ गए स्कूलों के लिए जो राष्ट्रीय दिनों में कक्षा लगाने लगे आर के सारडा विद्यालय जैसे निजी संस्थान ??
क्या 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन स्कूल लगाना रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर हुआ है? कुछ पालकों ने इसे असहज और अजीब प्रयोग बताया।
छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था की चिंता सरकार कर रही है, पर क्या निजी स्कूलों को ऐसे अजीब निर्णयों से बचने की आवश्यकता नहीं है?
