मसूड़े यानी गम्स मुंह में मुलायम ऊतक यानी सॉफ्ट टिश्यूज होते हैं, जिनमें कभी-कभी सूजन आ जाती है। यह समस्या काफी असहज करनी वाली होती है, व्यस्क लोग तो मसूड़ों की सूजन को सह लेते हैं। लेकिन शिशुओं के लिए यह समस्या काफी दिक्कत भरी होती है। मसूड़ों में सूजन की दिक्कत शिशुओं को तब होती है, जब उनके दांत निकलते हैं। इस दौरान शिशु काफी परेशान होते हैं। इस स्थिति में माता-पिता को क्या करना चाहिए, किस तरह से बच्चे की देखभाल करनी चाहिए? कौन से उपाय आजमाने चाहिए। मैक्स अस्पताल के बाल रोग विभाग के डॉ. शेखर गुप्ता से जानते हैं कि बच्चो के मसूड़ों में सूजन को कैसे कम किया जा सकता है।

मसूड़ों में सूजन के अन्य कारण भी
शिशुओं के मसूड़ों में सूजन सिर्फ दांत निकलने के कारण ही नहीं होती है। इसके अलावा गिरने या चोट लगने पर भी उनके मसूड़ों में सूजन आ जाती है। इसके अलावा कुछ वायरस और मेडिसिन के कारण भी शिशुओं के मसूड़ों में सूजन देखी जाती है। इसलिए पहले यह जानना जरूरी है कि बच्चे के मसूड़ों में सूजन का असल कारण क्या है। इसके लिए आप डॉक्टर का परामर्श जरूर लें।
आजमाइए कारगर उपाय
अगर दांत निकलने की वजह से शिशु को मसूड़ों में सूजन है तो कुछ उपायों के जरिए यह दिक्कत ठीक हो सकती है।
ओरल हाइजीन पर ध्यान दें
शिशुओं या छोटे बच्चों की ओरल हाइजीन बहुत जरूरी है। बच्चों के दांतों और मुंह को अच्छे से साफ कीजिए या करवाइए। बच्चे के कम ही दांत क्यों ना हों, उसे टूथब्रश करने की आदत डलवाएं। इससे बच्चों के मसूड़ों में सूजन कम से कम होगी।

ठंडी सिंकाई करें
अगर बच्चे के दांतों में सजून अधिक है तो ठंडी सिंकाई करें। इसके लिए साफ कपड़े को ठंडे पानी में भिगोएं और निचोड़कर, बच्चे के मसूड़ों पर लगाएं। इस ट्रीटमेंट से मसूड़ों की सूजन में बच्चे को काफी राहत मिलेगी।
मार्केट में बच्चों के लिए टिथिंग रिंग आती हैं, आप इन्हें भी आजमाएं। बच्चे अपने मसूड़ों और दांतों से टिथिंग रिंग को चबाते या दबाते हैं, जिससे मसूड़ों की सूजन में कमी देखी जाती है। बस एक बात का ध्यान रखें कि आप बच्चे को लिक्विड बेस्ड टिथिंग रिंग बिल्कुल ना दें।
नमक वाले पानी का गरारा
अगर आप बच्चे को पानी पिलाने लगी हैं तो नमक वाले गुनगुने पानी का गरारा कराएं। इससे भी मसूड़ों की सूजन में काफी राहत मिलती है। बच्चा काफी रिलैक्स फील करता है।
