रातों-रात सब्जी बेचने वाले शख्स के करोड़पति बनने की असली वजह सामने आ गई है। गुढिय़ारी पुलिस ने दो आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी संजू उर्फ संजीव भारद्वाज एवं वैभव शुक्ला से पूछताछ के बाद पुलिस ने आज इस मामले का खुलासा किया। इसके अलावा दो अन्य मामलों में तीन आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस खुलासे के साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कभी भी लुभावने ऑफर में नहीं आए।


पुलिस ने प्रेस कॉफ्रेंस में बताया कि आदर्श नगर गुढिय़ारी निवासी राजेंद्र कुमार 3 मई को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अचानक करोड़पति बन गया। अंजान एकाउंट नंबर उसके नाम से खोला गया है, वहीं जब खाते की जांच की तो उसमें लाखों का लेन-देन के बारे में पता चला। उसने पुलिस को बताया था कि पहाड़ी चौक में कुछ व्यक्ति कैंप लगाकर सिम बेच रहे थे। उसने उन व्यक्तियों से पुराना नंबर दिलाने के लिए संपर्क किया, तो उन्होंने आधार कार्ड, पैन कार्ड की फोटो कॉपी मांगी। राजेंद्र ने उन्हें फोटो कॉपी दे दी, तो उन व्यक्तियों ने उसका बॉयोमेट्रिक थंब लिया और मोबाइल से फोटो खींचकर रख ली। इसके बाद राजेंद्र के पास प्रायवेट बैंक का कोरियर आया। उसने देखा, तो उसके नाम से अकाउंट खुला होने और उसमें लाखों रुपए का ट्रांजेक्शन होने की जानकारी मिली। प्रार्थी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच की तो आरोपी संजू उर्फ संजीव भारद्वाज एवं वैभव शुक्ला को पकड़ा।
पूछताछ में आरोपी संजू उर्फ संजीव भारद्वाज एवं वैभव शुक्ला ने बताया कि वे अपने साथी प्रशांत अग्रवाल सहित अन्य साथियों के साथ मिलकर अलग-अलग लुभावने स्कीम बताकर अनेक व्यक्तियों को अपने झांसे में लेकर उनका व्यक्तिगत दस्तावेज प्राप्त कर उन्हें अपना शिकार बनाते है तथा व्यक्तियों के बिना जानकारी के उनके नाम व दस्तावेजों का दुरूपयोग कर अलग-अलग बैंको में खाता खोलकर उसमें रूपयों का लेन-देन करते थे जिसमें उन्हें कमीशन प्राप्त होता था। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा प्रकरण में संलिप्त आरोपी प्रशांत अग्रवाल, जीत मसराणी एवं रमेश अग्रवाल की भी पतासाजी कर पकड़ा गया। आरोपियों द्वारा उपयोग किये गये बैंक खातों में महादेव ऑनलाईन सट्टा एप के रूपयों का लेन-देन होने का संदेह प्रतीत हो रहा है, बैंक खाताओं की विस्तृत जांच की जा रही है।
