किसानों ने लिया 781 करोड़ का कर्ज, अब सीएम बघेल से यह उम्मीद
खरीफ फसल के ऋण की वसूली धान खरीदकर की जाती है, जबकि रबी फसल के ऋण का भुगतान किसान अपनी उपज बेचकर करते हैं. निधारित समय पर ऋण राशि का भुगतान करने पर किसानों से ब्याज नहीं लिया जाता. बिना ब्याज के ऋण से किसानों को काफी सुविधा मिलती है और फसल तैयार होने पर वे इसे बेचकर ऋण मुक्त हो जाते हैं. बिना ब्याज कृषि ऋण के लिए सहकारी बैंक हर साल जगह-जगह शिविर लगाकर किसानों को प्रोत्साहित करता है. इसके बावजूद किसान ऋण लेने से कतराते हैं. पिछले साल काफी प्रयासों के बावजूद खरीफ फसल के लिए किसानों ने 289 करोड़ और रबी फसल के लिए 42 करोड़ का ऋण लिया था.

बैंक से इन पांच जिलों के किसानों को मिले ऋण
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने एकीकृत सरगुजा के विभिन्न पांच जिलों के 25 हजार 817 किसानों को 7814 लाख का कृषि ऋण दिया है. सरगुजा के 10 हजार 857 किसानों ने 2670 लाख, बलरामपुर के 3481 किसानों ने 1177 लाख, सूरजपुर के 7154 किसानों ने 2225 लाख, कोरिया और मनेंद्रगढ़ के 4325 किसानों ने 1042 लाख कृषि ऋण लिया है. उधर, सीएम भूपेश बघेल सरकार द्वारा ऋण माफी की घोषणा किए जाने से किसानों में उत्साह है और उन्हें उम्मीद है कि चुनावी साल में उनका कर्ज माफ हो जाएगा.
ऋण का 60 फीसदी नगद
बैंक कृषि ऋण की 60 फीसदी राशि खेती की विभिन्न जरूरतों के लिए नगद के रूप में देता है जबकि 40 फीसदी राशि से खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री प्रदान की जाती है. ऋण राशि के एवज में अपेक्स बैंक, सहकारी बैंक और सहकारी समितियों को कमीशन का भुगतान करता है.


छत्तीसगढ़ में किसान जहां बैंक से कृषि संबंधी ऋण लेने के लिए कतराते थे. अब वे ऋण ले रहे हैं और इस साल तो जिला सहकारी बैंकों से दिए जाने वाले कर्ज का रिकॉर्ड भी टूट गया है.