आंवला नवमी के त्यौहार के महत्व के संदर्भ में राजेश्री महन्त जी महाराज ने कहा कि- आंवला नवमी का त्यौहार सनातन धर्म में कार्तिक शुक्ल पक्ष नवमी को मनाया जाता है ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री हरि कार्तिक शुक्ल पक्ष नवमी से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक आंवला वृक्ष में निवास करते हैं इसलिए श्रद्धालु भक्तगण आंवला नवमी को विधिवत पूजा अर्चना कर भगवान से आशीर्वाद प्राप्त कर अपना जीवन सुखमय बनाते हैं।
रायपुर। श्री दूधाधारी मठ स्थित रामबाग में आंवला नवमी का त्यौहार बड़े ही श्रद्धा भक्ति पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज एवं मठ मंदिर के पुजारी तथा श्रद्धालु जन राम नाम संकीर्तन करते हुए रामबाग पहुंचे। यहां आंवला वृक्ष के नीचे विधिवत्त पूजा अर्चना की गई तत्पश्चात् भगवान श्री हरि को मिष्ठान्न का भोग लगाया गया, आंवला वृक्ष की परिक्रमा की गई और अंततः सभी श्रद्धालुओं ने भगवान का प्रसाद प्राप्त किया। आंवला नवमी के त्यौहार के महत्व के संदर्भ में राजेश्री महन्त जी महाराज ने कहा कि- आंवला नवमी का त्यौहार सनातन धर्म में कार्तिक शुक्ल पक्ष नवमी को मनाया जाता है ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री हरि कार्तिक शुक्ल पक्ष नवमी से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक आंवला वृक्ष में निवास करते हैं इसलिए श्रद्धालु भक्तगण आंवला नवमी को विधिवत पूजा अर्चना कर भगवान से आशीर्वाद प्राप्त कर अपना जीवन सुखमय बनाते हैं। इस पारंपरिक त्यौहार के अवसर पर विशेष रूप से श्री नागा जी महाराज, विजय पाली, रामेश्वर मिश्रा,राम छवि दास, रामप्रिय दास जी, रामदेव दास जी, गुड्डा महाराज, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव, काशीराम मरकाम, देवेंद्र खापरे सहित, अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे।