
जांजगीर-चांपा। जिले में इस बार धान की बंपर आवक की उम्मीद नजर आ रही है। क्योंकि सरकार इस बार 20 क्विंटल प्रति एकड़ धार खरीदी की पहले ही घोषणा कर दी है। हालांकि अभी किसानों से फसल कटाई शुरू की है। 75 फीसदी फसल अभी पककर तैयार हुए हैं। दिसंबर जनवरी में ही जिले में भरपूर खरीदी की परंपरा है।

दिसंबर जनवरी में समितियों में धान की बंपर आवक होती है। बीते वर्ष जिले के 126 उपार्जन केंद्रों में 46 लाख क्विंटल धान की खरीदी की गई थी। इस बार तकरीबन 55 लाख क्विंटल धान खरीदी का अनुमान है। इस बार तीन उपार्जन केंद्र बढ़ाए भी गए हैं। जिसमं देवरी खैजा, सेमरिया, रिस्दा में नया उपार्जन केंद्र खोले गए हैं। जिससे इस बार 129 उपार्जन केंद्र बन गए। जिसमें अब तक 35 केंद्रों में धान खरीदी की शुरुआत हो चुकी है। अब तक 18 हजार 506 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है।
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धीरे धीरे एक दो खरीदी केंद्रों में धान की आवक होने लगी है। अमूमन जिले में दिसंबर जनवरी में ही धान की खरीदी बंपर तौर पर होती है। बीते वर्ष की भांति इस बार भी सरकार संग्रहण केंद्र नहीं बनाएगी। क्योंकि इससे सरकार को बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। संग्रहण केंद्र में धान जमा करने के बाद काफी नुकसान होता है। ट्रांसपोर्टिंग के अलावा सूखत का भी नुकसान होता है। जिससे बचने के लिए सरकार इस बार भी सीधे मिलर्स को धान भेजेगी। ताकि सरकार का खर्च बच जाए। फिलहाल समितियों में धान की आवक शुरू हो चुकी है। किसान उपार्जन केंद्रों की ओर रुख कर रहे हैं।
