

दीवारों में उंगलियों से
हो जा रहा छेद
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। नगर के ह्रदय स्थल में संजय चौक के पास गौरेला नगर पालिका द्वारा व्यावसायिक परिसर (शॉपिंग कॉम्प्लेक्स) का निर्माण कराया जा रहा है. पुराने शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के ऊपर ही लगभग एक दर्जन से अधिक नई दुकानों का कंस्ट्रक्शन का काम किया जा रहा है. लेकिन इन नई बनी दुकानों को नगर पालिका के ठेकेदार बहुत ही निम्न स्तर और घटिया तरीके से निर्माण कराया है. घटिया निर्माण का आलम यह है कि नई बनी इन दुकानों की दीवारों पर उंगलियों को रगड़ने से ही बड़ी आसानी से प्लास्टर झड़ जा रहे हैं. मानों ऐसा लग रहा है जैसे सीमेंट के बजाए दीवारों को ईट और रेत से जोड़कर रख दिया गया हो. नवनिर्मित दुकानों के निर्माण को देखने से लग रहा है कि सीमेंट का इस्तेमाल न के बराबर किया गया है. दुकान के कई हिस्सों के जोड़े गए ईट के सीमेंट झड़ने लगे हैं. गौरेला के राधाकृष्ण मंदिर के सामने पुराने तल के ऊपर बन रहे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का घटिया निर्माण यही नहीं रुकता. दुकानों के दीवारों की बीम भी आड़ी तिरछी है. भ्रष्टाचार इतना जबरदस्त है कि स्टीमेट के हिसाब से इसमें ढाला गया लेंटर भी बहुत कमजोर दिखाई दे रहा है. साथ ही इसकी मोटाई भी कम है. सवाल यहां यह उठता है कि शहर के बीचों बीच बन रहे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के घटिया निर्माण को लेकर नगर पालिका अधिकारी और इंजीनियर क्या अभी तक आंख मूंदे सो रहे थे?
