

एग्जिट पोल है क्या?
दरअसल एग्जिट पोल एक तरह का चुनावी सर्वे होता है। मतदान वाले दिन जब मतदाता वोट देकर पोलिंग बूथ से बाहर निकलता है तो वहां अलग-अलग सर्वे एजेंसी और न्यूज चैनल के लोग मौजूद होते हैं। वह मतदाता से वोटिंग को लेकर सवाल पूछते हैं। इसमें उनसे पूछा जाता है कि उन्होंने किसको वोट दिया है? इस तरह से हर विधानसभा के अलग-अलग पोलिंग बूथ से वोटर्स से सवाल पूछा जाता है। मतदान खत्म होने तक ऐसे सवाल बड़ी संख्या में आंकड़े एकत्र हो जाते हैं। इन आंकड़ों को जुटाकर और उनके उत्तर के हिसाब से अंदाजा लगाया जाता है कि पब्लिक का मूड किस ओर है? मैथमेटिकल मॉडल के आधार पर ये निकाला जाता है कि कौन सी पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं? इसका प्रसारण मतदान खत्म होने के बाद ही किया जाता है।
कितने लोगों से सवाल पूछा जाता है?
एग्जिट पोल कराने के लिए सर्वे एजेंसी या न्यूज चैनल का रिपोर्टर अचानक से किसी बूथ पर जाकर वहां लोगों से बात करता है। इसमें पहले से तय नहीं होता है कि वह किससे सवाल करेगा? आमतौर पर मजबूत एग्जिट पोल के लिए 30-35 हजार से लेकर एक लाख वोटर्स तक से बातचीत होती है। इसमें क्षेत्रवार हर वर्ग के लोगों को शामिल किया जाता है।
जान लीजिए ये एग्जिट पोल है क्या?: दरअसल एग्जिट पोल एक तरह का चुनावी सर्वे होता है। मतदान वाले दिन जब मतदाता वोट देकर पोलिंग बूथ से बाहर निकलता है तो वहां अलग-अलग सर्वे एजेंसी और न्यूज चैनल के लोग मौजूद होते हैं। वह मतदाता से वोटिंग को लेकर सवाल पूछते हैं। इसमें उनसे पूछा जाता है कि उन्होंने किसको वोट दिया है? इस तरह से हर विधानसभा के अलग-अलग पोलिंग बूथ से वोटर्स से सवाल पूछा जाता है। मतदान खत्म होने तक ऐसे सवाल बड़ी संख्या में आंकड़े एकत्र हो जाते हैं। इन आंकड़ों को जुटाकर और उनके उत्तर के हिसाब से अंदाजा लगाया जाता है कि पब्लिक का मूड किस ओर है? मैथमेटिकल मॉडल के आधार पर ये निकाला जाता है कि कौन सी पार्टी को कितनी सीटें मिल सकती हैं? इसका प्रसारण मतदान खत्म होने के बाद ही किया जाता है।
गुरुवार यानी आज छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर एग्जिट पोल आ गए हैं। अधिकांश सर्वे में कांग्रेस को बढ़त का अनुमान है, पार्टी की भाजपा से कांटे की टक्कर है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में दो चरणों में 7 नवंबर और 17 नवंबर को मतदान कराए जा चुके हैं। तीन दिसंबर को परिणाम आएंगे।
रिपब्लिक-पी मार्क के एग्जिट पोल के मुताबिक, कांग्रेस को 46-54 सीटें, भाजपा को 35-42 सीटें मिलने का अनुमान है। साथ ही अन्य के हाथ एक भी सीट नहीं आएगी।
दैनिक भास्कर के एग्जिट पोल के मुताबिक, कांग्रेस को 46-55 सीटें, भाजपा को 35-45 सीटें और अन्य को 0-10 सीटें मिलने का अनुमान है।
इम्स नाउ-ईटीजी के एग्जिट पोल के अनुमान के मुताबिक कांग्रेस बहुमत के करीब रह सकती है, पार्टी के हिस्से में 48-56 सीटें आ सकती हैं। भाजपा को 32-40 सीटें मिलने का अनुमान है। साथ ही निर्दलीय 2-4 सीटों पर सफल होने में कामयाब हो सकते हैं।
टीवी 9 पोलस्ट्रैट के एग्जिट पोल के अनुसार कांग्रेस को 40-50 सीटें मिल सकती हैं। भाजपा के हिस्से में 35-45 सीटें आ सकती हैं। साथ ही अन्य को 0-3 सीट से संतोष करना पड़ सकता है।
रिपब्लिक-मैट्रिज के एग्जिट पोल के अनुमान के मुताबिक, कांग्रेस को 44-52 सीटें मिलेंगी। भाजपा को 34-42 मिलने के आसार हैं। वहीं निर्दलीय के हिस्से में 0-2 सीटें जा सकती हैं।
न्यूज24-टुडे चाणक्य के एग्जिट पोल के अनुमान के अनुसार कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलेगा, पार्टी को 57 सीटें जीतने में सफल होगी। भाजपा को 33 सीटें मिल सकती हैं। जबकि अन्य के खाते में एक भी सीट नहीं जाने का अनुमान है।
एबीपी-सी वोटर के एग्जिट पोल के अनुमान के मुताबिक छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बहुमत मिलने के आसार है, कांग्रेस को 41-53 सीटें मिल सकती हैं। भाजपा को 36-48 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि अन्य को 0-4 सीटें मिल सकती हैं।
जन की बात के एग्जिट पोल में अनुमान के आधार पर छत्तीसगढ़ में भाजपा को 34-45 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को 42-53 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि निर्दलीय के हिस्से में 03 सीटें जा सकती हैं।
इंडिया टीवी सीएनएक्स के एग्जिट पोल अनुमान के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को 46-56 सीटें मिलने का अनुमान है। भाजपा को 30-40 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य को तीन-पांच सीटें मिलेंगी।
आजतक एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में छत्तीसगढ़ में भाजपा को 36-46 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस को 40-50 सीटें मिल सकती हैं। अन्य को 1-5 सीटें मिलने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में बहुमत का आंकड़ा 46 है। कुल 90 सीटें हैं।
आज तक और एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल अनुमान के आधार पर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बढ़त मिलेगी।
पहले चरण की 20 सीटों पर मतदान का समय अलग-अलग है। प्रथम चरण के 20 विधानसभा क्षेत्रों में से दस विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक और दस विधानसभा क्षेत्रों में सवेरे 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का कार्यकाल 3 जनवरी 2024 को खत्म होगा। पिछला विधानसभा चुनाव नवंबर 2018 में हुआ था, जिसमें कांग्रेस ने जीत हासिल की थी और भूपेश बघेल राज्य के मुख्यमंत्री बने थे।
छत्तीसगढ़ राज्य में पिछला विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराया गया था। इस चुनाव के लिए कुल 1,269 उम्मीदवार मैदान में थे। राज्य में प्रति निर्वाचन क्षेत्र में औसतन 14 प्रत्याशी मैदान में थे। मतदान करने वाले मतदाताओं की संख्या 1,42,11,333 थी। इनमें से 71,36,626 पुरुष, 70,74,636 महिलाएं और 191 थर्ड जेंडर्स ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। पुरुषों के लिए मतदान 76.58%, महिलाओं के लिए 76.33% और कुल मतदान 76.45% रहा।
ये एजेंसी और चैनल कराते हैं सर्वे
टुडे चाणक्य
एबीपी-सी वोटर
न्यूजएक्स-नेता
रिपब्लिक-जन की बात
सीएसडीएस
न्यूज18-आईपीएसओएस
इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया
टाइम्स नाउ-सीएनएक्स
सीएसडीएस
प्रदेश की कुल आबादी में 32 फीसदी आदिवासी वर्ग यानी की अनुसूचित जनजाति से है। 13 फीसदी आबादी एससी यानी की अनुसूचित जाति वर्ग से आती है और सबसे बड़ा जनाधार जो की 47 फीसदी है वह ओबीसी वर्ग से है।
छत्तीसगढ़ में विधानसभा सीटों की बात करें तो छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटें हैं, इसमें से 39 सीटें आरक्षित है, 29 अनुसूचित जनजाति (एसटी) और 10 अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित हैं। 51 सीट सामान्य है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव परिणाम- 2018
कांग्रेस-68
भाजपा -15
जेसीसीजे-5
बसपा- 2
कुल वोटिंग- 76.45%
पहले चरण की 20 सीटों पर 198 पुरुष और 25 महिला आजमा रहे किस्मत
इस बार के चुनाव में प्रथम चरण के 20 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 223 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं। जिनमें 198 पुरुष और 25 महिला शामिल हैं।
दूसरे चरण में 70 सीटें पर वोटिंग हुई। जिसमें 958 कुल उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है। इस चरण के कुल 1.63 करोड़ मतदाताओं में 81.41 लाख पुरुष व 81.72 लाख महिलाएं हैं और 684 ट्रांसजेंडर्स ने उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला किया।
छत्तीसगढ़ की कुल 90 विधानसभा सीटों में से पहले चरण की 20 सीटें के लिए मतदान सात नवंबर को हुआ था। जिसमें बस्तर संभाग की 12 सीटों और दुर्ग संभाग की आठ सीटों पर मतदान हुआ था। पहले चरण की 20 सीटों पर इस बार 78.00% मतदान हुआ था। पहले चरण में जिन 20 सीटों पर मतदान हुआ, वहां 2018 में कुल 77.23% वोटिंग हुई थी।
छत्तीसगढ़ की 70 विधानसभा सीटों पर दूसरे चरण के लिए 17 नवंबर को वोटिंग हुई थी। इस बार 70 विधानसभा सीटों पर 75.88% मतदान हुआ। छत्तीसगढ़ में जिन 70 सीटों पर दूसरे चरण का मतदान हुआ, वहां 2018 में कुल 76.69% वोट पड़े थे।
पूरे छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा 411 मतदान केंद्र कवर्धा विधानसभा में है। इस कारण यहां का परिणाम भी लेट से आएगा। बीते 2018 के अधिकृत परिणाम आने में रात एक बज गया था।
छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन-2023 अंतर्गत 90 विधानसभा क्षेत्रों के लिए दो चरणों में हुए मतदान के बाद आगामी तीन दिसंबर को मतगणना होगी। कबीरधाम जिले के दोनों विधानसभा क्षेत्र पंडरिया व कवर्धा में सात नवंबर को मतदान हुआ था।
