

धान कटाई के बाद बस्तर के अन्दरूनी इलाकों मे आसमा पर विचर रहे बाज को इन दिनों कुछ ग्रामीण पाल भी रहे हैं। वे इन बाज को शिकारी पक्षी की तर्ज में अपने खेतों की रखवाली करने के लिए तैनात किए हुए हैं। इन दिनों धान की फसल पर बटेर व कीट का हमला हो जाता है। इससे बाज उन्हें शिकार बनाकर फसल की सुरक्षा भी कर रहे हैं।बचपन से सिखाया जाता है बाज को : ग्रामीणों ने बताया की बाज बटेर पकड़ने मे माहिर होते हैं। उनके नुकीले पंजो से बच पाना मुश्किल है। बाज को छोटे समय से ही शिकार करना सिखाया जाता है। जब उड़कर लपकने लगे तब उसे शिकार के लिए उपयोग मे लाते है।
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