

महादेव ऑनलाइन सट्टा और मनीलॉन्ड्रिंग मामले की सुनवाई 6 अप्रैल को होगी। इस प्रकरण में गिरफ्तार किए गए गिरीश तलरेजा, सूरज चोखानी और नीतीश दीवान के न्यायिक रिमांड की अवधि शनिवार को पूरी होने पर कोर्ट में पेश किया जाना था। लेकिन, ईडी के विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर रहने के कारण जिला न्यायाधीश अब्दुल जाहिद कुरैशी की अदालत में आवेदन पेश किया गया। साथ ही न्यायिक रिमांड की अवधि को बढ़ाने का अनुरोध किया, जिसे जिला न्यायाधीश ने मंजूर कर लिया। बता दें कि ईडी ने महादेव बुक से जुड़े भोपाल के मुख्य ऑपरेटर गिरीश तलरेजा और कोलकाता निवासी सूरज चोखानी को गिरफ्तार करने के बाद 3 मार्च को रायपुर के स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था। दोनों से पूछताछ करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं इसी मामले में जेल भेजे गए नीतीश टिबरेवाल, अमित अग्रवाल और नीतीश दीवान के खिलाफ 3500 पन्नों का पूरक चालान पेश किया गया है।
पैनल ऑपरेटरों की तलाश
महादेव बुक से जुडे़ पैनल ऑपरेटरों और मनीलॉन्ड्रिग से जुडे़ लोगों की तलाश की जा रही है। वहीं गिरीश और सूरज से मिले इनपुट के आधार पर 8 लोगों से पूछताछ कर बयान लिया गया है। बताया जाता है कि उनसे मिले इनपुट के आधार पर ऑनलाइन सट्टे के खेल से जुडे़ लोगों की तलाश की जा रही है। ईडी के सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे कुछ अन्य रसूखदार लोग जुडे़ हुए है। जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर उक्त सभी लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा।
भूमिका की जांच
महादेव बुक मामले में जेल भेजे गए गिरीश और सूरज के साथ रतनलाल जैन के कनेक्शन मिले है। बताया जाता है कि लोटस 365 में उसकी भूमिका को देखते हुए ईडी की टीम रतनलाल के संबंध में इनपुट जुटा रही है।
