

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जमीन फर्जीवाड़े मामले के मुख्य आरोपी पुलिस से बचने के लिए खुदकुशी की कोशिश की है। बता दें कि सकरी बिनौरी स्थित करोड़ों की जमीन का फर्जी दस्तावेज व मालिक का फर्जी पहचान पत्र बनवा कर बेचने की तैयारी कर रहे एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस के अनुसार बिल्हा निवासी सुमित पिता सीताराम गुप्ता जमीन खरीदी बिक्री का काम करते हैं। सुमित ने शिकायत में बताया कि उनकी बिनौरी स्थित जमीन का मार्केट में सौदा होने का पता चला। मालूम हुआ कि कैलाश गुप्ता उसके नाम से जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार किया है। कैलाश व उसका साथी कमल प्रसाद पटेल जमीन का सौदा करने ग्राहक तलाश रहे हैं।
ऐसे हुआ खुलासा
अपनी जमीन का फर्जी दस्तावेज देख कर सुमित ने सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस पूछताछ में कमल ने जमीन के ओरिजनल दस्तावेज किराए के मकान सिरगिट्टी बन्नाक चौक में होने की बात कर अपने साथ टीम को वहीं ले गया।
मकान के प्रथम तल में पहुंचते ही कमल भागने की नीयत से पुलिस जवान को धक्का देकर तेजी से भागा और छत से गिर गया। इससे उसके सिर व पैर में चोट आई है। घायल को पुलिस ने उपचार के लिए जिला चिकित्सालय, इसके बाद निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है।
इस मामले में आरोपी कैलाश गुप्ता ने कमल पटेल के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी कैलाश गुप्ता व कमल प्रसाद पटेल के खिलाफ पुलिस धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है।
सुमित बन चुका है सन्यासी
पुलिस की पूछताछ में कैलाश व कमल ने बताया कि बनौरी स्थित जमीन का मालिक सुमित गुप्ता के परिवार में कोई नहीं है। सुमित भी कई साल पहले सन्यासी बन कर कहीं चला गया है। लगभग 3 करोड रुपए की जमीन है, जिसे बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे थे।
