रायपुर. बिलासपुर लोकसभा से पहली बार चुनाव जीते तोखन साहू नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री बनेंगे। थोड़ी देर पहले उनके पास PMO से फोन आया। उन्हें बताया गया कि शाम को उनको शपथ लेना है। पूर्व विधायक तोखन को बीजेपी ने पहली बार बिलासपुर सीट से टिकट दिया और उन्होंने कांग्रेस के देवेंद्र यादव को 1 लाख 64 हजार 558 वोटों के बड़े अंतर से हराया है. तोखन साहू को 7 लाख 24 हजार 937 मिले, वहीं देवेंद्र यादव को 5 लाख 60 हजार 379 वोट मिले.तोखन साहू का जन्म ग्राम डिंडौरी, जिला मुंगेली में 15 अक्टूबर 1969 को हुआ । उन्होंने एम. कॉम तक की शिक्षा ग्रहण की है। उनका विवाह लीलावती साहू से हुआ है। उनके एक पुत्र व एक पुत्री है। तोखन का राजनैतिक जीवन 1994 से शुरू हुआ। वे 1994 में लोरमी ब्लॉक के सुरजपुरा गांव के निर्विरोध पंच बने। 30 जनवरी 2005 को जनपद सदस्य ब्लॉक लोरमी क्षेत्र क्रमांक–18 फुलवारीकला बने। 3 फ़रवरी 2010 को महिला आरक्षण के चलते उनकी पत्नी लीलावती साहू चुनाव लड़कर जनपद सदस्य फिर 19 फ़रवरी 2010 को अध्यक्ष जनपद पंचायत लोरमी बनीं।
2012 में वे जिला सहकारी बैंक बिलासपुर के प्रतिनिधि बनें। जिला साहू समाज के संरक्षक भी वे रहे हैं। 2013 में भाजपा ने उन्हें लोरमी विधानसभा से टिकट देकर प्रत्याशी बनाया। उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी और सिटिंग विधायक धर्मजीत सिंह को चुनाव हराया। उन्हें 52302 वोट मिले। धर्मजीत सिंह को 46061 वोट मिले थे। 2015 में कृषि,मछलीपालन, पशुपालन, जलसंसाधन विभाग के संसदीय सचिव बने। 2014 में छत्तीसगढ़ वन्य जीव बोर्ड के सदस्य और 2015 में खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय के सदस्य बने।
2018 में उन्हें भाजपा ने दुबारा लोरमी विधानसभा से चुनाव मैदान में उतारा। पर जनता कांग्रेस के प्रत्याशी धर्मजीत सिंह ने उन्हें चुनाव हरा दिया। धर्मजीत सिंह ने 67742 वोट हासिल किए थे, जबकि तोखन साहू को 42189 वोट मिले थे। तोखन साहू प्रदेश पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य रहे। फिर प्रदेश किसान मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य बने। 2023 के विधानसभा चुनाव में बेमेतरा जिले की नवागढ़ विधानसभा के प्रभारी भी रहे। वर्तमान में प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष हैं।

