अंबिकापुर. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवानगर में शनिवार की सुबह एक गर्भवती महिला को फर्श पर लिटाकर प्रसव कराया गया था। इसका वीडियो भी बनाया गया था। यह मामला संज्ञान में आते ही प्रशासनिक व स्वास्थ्य खेमे में हडक़ंप मच गया था। मामला कलेक्टर के संज्ञान में आने के साथ ही उन्होंने जांच के आदेश दिए थे। जांच के बाद जहां एएनएम व स्टाफ नर्स को निलंबित कर दिया गया है, वहीं बीएमओ व संस्था प्रभारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
गौरतलब है कि अंबिकापुर ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नवानगर में गर्भवती महिला का जमीन पर प्रसव कराए जाने की घटना को कलेक्टर विलास भोसकर ने संज्ञान में लेकर सीएमएचओ को जांच करने के निर्देश दिए थे।


रविवार को जिला स्तरीय जांच दल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक तथा जिला मितानिन समन्वयक की उपस्थिति में जांच की गई है। जांच के दौरान बीएमओ, संस्था प्रभारी, बीपीएम, स्टॉफ नर्स, एएनएम एवं स्थानीय मितानिन उपस्थित रहे।
सीएमएचओ आरएन गुप्ता ने बताया कि जांच के तहत सभी के समक्ष उक्त प्रकरण के बारे में बयान लिया गया। जच्चा-बच्चा प्रसूता महिला एवं नवजात बच्चों को देखा गया। उन्होंने बताया कि प्रसूता महिला एवं बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
उक्त प्रकरण में समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी, मितानिन का बयान लेने और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद सीएमएचओ द्वारा खंड चिकित्सा अधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई करते हुए रात्रिकालीन स्टॉफ द्वितीय एएनएम मीना चौहान को तत्काल प्रभाव से हटाकर आयुष्मान मंदिर रेवापुर में अटैच किया गया।
डयूटी में पदस्थ स्टॉफ नर्स कन्या पैंकरा बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित थी, उसे निलंबित करने संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं को प्रस्ताव प्रेषित किया गया। इस आधार पर संयुक्त संचालक स्वाथ्य सेवाएं डॉ. पीएस सिसोदिया द्वारा प्रकरण को साक्ष्य के आधार तथा गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन अवधि में स्टाफ नर्स का मुख्यालय शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा किया गया। निलबंन अवधि में संबंधित को जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। साथ ही संस्था प्रभारी एवं खण्ड चिकित्सा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए आगामी कार्रवाई हेतु राज्य कार्यालय में पत्र प्रेषित किया गया है।
