आज-कल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है. एआई एजुकेशन, मेडिकल समेत लगभग हर फील्ड में काफी हेल्पफुल साबित हो रहा है. लेकिन एआई के जरिए डीपफेक जैसी परेशानियां भी सामने आई हैं. डीपफेक टेक्नोलॉजी इतनी पावरफुल है कि इसके जरिए वीडियो और ऑडियो में बदलाव किए जा सकते हैं, जिससे रियल और फेक के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है. यही कारण है कि अब देश की मोदी सरकार ने डीपफेक को रोकने के लिए एक फैसला लिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोदी सरकार डीपफेक रोकने के लिए एक बिल लाने वाली है. साथ ही इस बिल के जरिए एआई के इस्तेमाल को और भी बेहतर करने पर भी फोकस किया जाएगा.

