रायपुर। समय पर ठगी की शिकायत और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की तत्परता से बुजुर्ग की जिंदगी भर की कमाई को वापस करवा दिया। बुजुर्ग के खाते में ठगी की रकम 10 लाख 49 हजार 272 रुपये वापस कराए गए हैं। ठग ने क्यूएस सपोर्ट एप डाउनलोड कराकर साढ़े 14 लाख रुपए की ठगी की थी। ठगों ने बुजुर्ग के चार क्रेडिट कार्ड और दो डेबिट कार्ड से लाखों की ठगी की थी। ठगी की रकम को 10 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए थे। वहीं गिफ्ट कार्ड में भी रकम ट्रांसफर की गई थी। साइबर की टीम ने तत्काल सभी गिफ्ट कार्ड को होल्ड करवा दिया। इसके अलावा जिन खातों में पैसे भेजे गए थे उन्हें भी होल्ड करवाय
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की साइबर यूनिट ने शिकायत पत्र पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आवेदक से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर लेन-देन और अन्य सभी जानकारियां प्राप्त की। जिन खातों में आवेदक द्वारा रकम स्थानांतरण किया गया था, उनकी जानकारी प्राप्त कर साइबर निरीक्षक गौरव तिवारी, आरक्षक नितेश सिंह राजपूत, रवि प्रभाकर और महिला आरक्षक बबीता देवांगन द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई। लगातार प्रयास करते हुए ठगी की रकम को होल्ड कराकर आवेदक के खाते में अब तक 10 लाख 49 हजार 272 रुपए वापस कराया गया है। टीम ठगी की शेष रकम को भी आवेदक के खाते में वापस कराने प्रयास कर रहे हैं।
पंडरी थाने में दर्ज करवाई थी रिपोर्ट यह था मामला
अशोका हाईट्स मोवा निवासी 62 वर्षीय सुदर्शन जैन ने पंडरी थाने ठगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। छह जनवरी को एक ओटीपी कस्टमर आइडी जानने के लिए मिला। उन्होंने कोई रिक्वेस्ट नहीं किया था। ऐसे में बैंक जाकर शिकायत की। बैंक वालों ने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदलने की सलाह दी। प्रार्थी ने अपने खाते से लिंक रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदलने के लिए आवेदन दिया। गूगल से कस्टमर केयर नंबर निकालकर पेटीएम का नंबर बदलने रिक्वेस्ट किया। इस प्रोसेस में रुपये निकाल लिए गए थे।








