रायपुर।  आरक्षण विधेयक पर हस्ताक्षर को लेकर राज्‍यपाल के बयान के बाद मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने नाराजगी व्‍यक्‍त किया है। उन्‍होंने सवालिया अंदाज में कहा, मार्च तक क्‍यों इंतजार कर रही हैं। क्या राज्यपाल मुहूर्त देख रही हैं? इस समय परीक्षाओं का समय है। बच्‍चों को प्रवेश लेना है। व्‍यापमं में परीक्षा होनी है। शिक्षकों की भर्ती होनी है। सभी भर्तियों होनी है और राज्‍यपाल आरक्षण विधेयक रोके बैठी हैं। ये संविधान में प्राप्‍त अधिकारों का दुरुपयोग है।

आरक्षण विधेयक पर राज्यपाल ने दी मार्च की डेटलाइन

मालूम हो कि राज्यपाल ने अब आरक्षण संशोधन विधेयक पर हस्ताक्षर करने के लिए मार्च की डेटलाइन तय की है। यहां विधानसभा में तीन दिसंबर 2022 को आरक्षण संशोधन विधेयक पास किया गया था। इसके बाद से राज्यपाल के हस्ताक्षर के लिए लटका हुआ है।

राज्यपाल ने कहा कि अलग-अलग समाज से आवेदन आ रहे हैं, उस पर विचार के बाद ही निर्णय होगा। राज्यपाल ने अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की थी। उसमें प्रतिनिधिमंडल ने एसटी के लिए 32 और एससी के लिए 16 प्रतिशत आरक्षण की मांग की है। राज्यपाल के मार्च तक की डेटलाइन देने के बाद कांग्रेस ने आपत्ति की है। कांग्रेस ने कहा कि राज्यपाल के कारण युवाओं की नौकरी लटक गई है।