भाजपा में लगातार बदलाव की प्रक्रिया जारी है। क्या यह जारी रहेगा?

संगठन की तैयारी में परिवर्तन होते रहते हैं। प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के बाद बड़े बदलाव की संभावना प्रदेश में नहीं दिख रही है।
आप छत्तीसगढ़ में राजनीति करना चाहेंगे या केंद्र में?
राजनीति में खुद निर्णय लेने की छूट नहीं होती है। जो केंद्रीय नेतृत्व जिम्मेदारी देता है, उसके अनुसार सब काम करते हैं। ये निर्णय तो राष्ट्रीय नेतृत्व को तय करना है कि मुझे कहां रहना है।
जनता में आपकी स्वीकार्यता है, ऐसे में सीएम का चेहरा कौन होगा?
जनता की स्वीकार्यता है, उसका उपयोग कर पार्टी को जिताने में भी पूरी ताकत लगाएंगे। कौन मुख्यमंत्री बनता है इसकी चिंता नहीं है, चिंता यह है कि सरकार भाजपा की बने। जो पार्टी आदेश देगी उसी आधार पर काम करेंगे।
भाजपा की चुनाव को लेकर क्या रणनीति है?
दो स्तर पर काम हो रहा है। संगठन के क्षेत्रीय महामंत्री अजय जामवाल पूरे प्रदेश में लगातार संपर्क कर रहे हैं। वे एक-एक विधानसभा में जा रहे हैं, अब तक करीब 55 विधानसभा में वे जा चुके हैं। सभी लोकसभा और विधानसभा में भी वरिष्ठ नेताओं के जाने का काम चल रहा है। हम सारी ताकत बूथ और शक्ति केंद्रों पर लगा रहे हैं। बूथ सशक्तिकरण ही चुनाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण अभियान रहेगा।
कांग्रेस के छत्तीसगढ़ियावाद का भाजपा के पास क्या तोड़ है?
छत्तीसगढ़ की अपनी एक संस्कृति और स्वभाव है। हम सभी आम बोलचाल में छत्तीसगढ़ी ही बोलते हैं। बस कांग्रेस इसको ज्यादा प्रचारित करने का काम रही है। छत्तीसगढ़ियावाद फैलाकर वह भ्रष्टाचार को छुपाना चाहती है। यही वजह है कि प्रदेश में विकास की पूरी कल्पना ही समाप्त होती जा रही है।
क्या इस बार पुराने नेताओं को टिकट मिलेगी?
टिकट का निर्णय तो संगठन के पदाधिकारी ही करते हैं। ये प्रक्रिया का एक हिस्सा होता है। प्रदेश स्तर की टीम निर्णय लेती है, जिसे केंद्र की बॉडी मॉनिटरिंग करती है। कितने नए चेहरे आएंगे कितने पुराने रहेंगे, ये राष्ट्रीय नेतृत्व ही तय करता है।
राज्य में भाजपा का चुनावी मुद्दा क्या रहेगा?
चुनावी मुद्दा स्पष्ट है। कांग्रेस के जन घोषणा पत्र को सामने रखकर इनके भ्रष्टाचार को उजागर करेंगे।
धान की काट क्या है?
धान की पेमेंट का बड़ा हिस्सा केंद्र देता है। इनको सिर्फ बोनस देना होता है। धान को पीडीएस के माध्यम से केंद्र ही खरीदता है। ये तो सिर्फ बोनस की राशि को देकर वाहवाही लेते हैं। रही बात काट की तो आने वाले समय में इसका भी कोई रास्ता निकलेगा।
पिछली बार बोनस पर ही कांग्रेस ने सरकार बनाई थी?
2018 के चुनाव में दो साल तक बोनस न देने का नुकसान भाजपा को हुआ था।
15 साल में आपका सबसे बड़ा अचीवमेंट क्या रहा?
जब मैं पहली बार सीएम बना था तो लोगों को नमक खाने के लिए नहीं मिलता था। गांवों में साहूकार नमक देने के लिए उसके बराबर चिरौंजी लेते थे। मैंने पीठ में सटे पेट को देखा है। हमारी सबसे बड़ी जंग भुखमरी और कुपोषण से थी। उससे जीतने के लिए गांव-गांव में मुफ्त नमक, चावल और चना बांटा गया। आज लोग खेती करके धान उगा रहे हैं, उनको इस काबिल भाजपा सरकार ने ही बनाया। प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाया, गरीबों काे घर दिए। विकास के ऐसे हजारों काम हैं। 15 साल में जितना विकास किया, उसका एक हिस्सा भी चार साल में नहीं हुआ है।
