रायपुर। राजधानी रायपुर में फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी जमीन को बेचने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक जमीन के कागज महिला के नाम पर तैयार कर बेची गई और आठ लाख 66 हजार 799 रुपये की धोखाधड़ी की गई। दरअसल, खमतराई थाने में लताबाई साहू ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसके नाम के फर्जी महिला को खड़ा कर फर्जी हस्ताक्षर करवाकर सरकारी जमीन बेची गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने जांच में पाया कि लताबाई साहू की ग्राम गोंदवारा के खसरा नंबर 563.1 रकबा 0.143 हेक्टेयर भूमि है। उसके बगल में शासकीय भूमि है। आरोपित रमेश कुमार साहू उर्फ पप्पू ने अपने साथी सत्तू राजपूत के साथ मिलकर शासकीय भूमि को लताबाई साहू की होना बताकर सम्होता थाना कोपा जिला छपरा बिहार निवासी रजित कुमार पंडित को बेच दिया। रजित ने रमेश कुमार साहू उर्फ पप्पू के खाते में नौ दिसंबर 2021, 10 दिसंबर 2021 और 14 दिसंबर 2021 को कुल 8,66,799 रुपये डाल दिए। इसके अलावा किसी दूसरी महिला को लताबाई के रूप में प्रस्तुत कर पीड़ित विजय वैष्णव का विक्रय विलेख निष्पादित किया गया। रमेश और सत्तू ने षडयंत्र पूर्वक किसी अन्य महिला को प्रस्तुत कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि बेची और अर्थिक लाभ प्राप्त किया।
ऐसे खुला मामला
साहू पारा फाफाडीह रायपुर निवासी लताबाई साहू (57) ने बताया कि ग्राम गोंदवारा मे लगभग 26,000 वर्गफुट उनकी कृषि भूमि थी। उसकी ऋण पुस्तिका है। उक्त भूमि के कुछ हिस्से को पूर्व में विक्रय कर चुकी है। वर्तमान में लगभग 14,000 वर्गफुट भूमि शेष है। प्रार्थी के बेटे प्यारे लाल साहू ने उसे बतया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा साठगांठ कर फर्जी रूप से भूमि से लगी हुई शासकीय भूमि को प्रार्थिया का बताकर बेचा जा रहा है। इसके बाद जांच में जुटी पुलिस ने पाया कि फर्जी दस्तावेज और लताबाई की जगह दूसरी महिला को दिखाकर शासकीय जमीन बेची गई।








