रायपुर। छत्तीसगढ़ में हो रहे पुलिस आरक्षक भर्ती में राजनांदगांव जिले में पुलिस भर्ती में गड़बड़ी के दोषियों पर कार्यवाही के मामले में आज विधानसभा में प्रश्न उठाया गया। इसमें गृहमंत्री से पूछा गया कि मामले में कौन-कौन दोषी हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई? इसी प्रकरण के चलते एक आरक्षक ने आत्महत्या की थी, उस प्रकरण में क्या कार्रवाई की गई यह जानकारी भी मांगी गई।

विधायक चातुरी नंद ने गृह मंत्री से सवाल पूछा था कि क्या राजनांदगांव जिले में वर्ष 2024 में आठवीं बटालियन में पुलिस भर्ती में गड़बड़ी की घटना सामने आई है? यदि हां तो मामले में कौन-कौन दोषी पाए गए थे और दोषियों के खिलाफ क्या-क्या कार्रवाई की गई है? क्या मामले में एक आरक्षक ने आत्महत्या कर ली थी? यदि हां तो क्यों तथा प्रकरण पर क्या कार्यवाही की गई?
जिसके लिखित उत्तर में गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि जिला राजनांदगांव में वर्ष 2024 में पुलिस भर्ती में गड़बड़ी पाई गई थी। इस पर थाना लालबाग जिला राजनांदगांव में अपराध कायम कर आरोपीगण महिला आरक्षक पुष्पा चंद्रवंशी, परिधि निषाद, आरक्षक धर्मराज मरकाम, सुंदरलाल नेताम, कार्तिक देशलहरें,विकास सिंह राजपूत,पवन चौरे, योगेश कुमार धुर्वे, अभ्यर्थी मीना धुर्वे, नेहा चंद्रवंशी, कंप्यूटर ऑपरेटर नुतेश्वरी धुर्वे, फवेंद्र कुमार चनाप, विशाल यादव, यशवंत ऊईके, पवन साहू के विरुद्ध साक्ष्य पाए जाने से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। आरोपी महिला आरक्षक क्रमांक 610 काजल की गिरफ्तारी शेष है।
भर्ती कार्य में संलग्न आरक्षक क्रमांक 1791 अनिल कुमार रत्नाकर द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या की गई थी। जिस पर थाना लालबाग जिला राजनांदगांव में मर्ग कायम कर लिया गया है। अब तक हुई जांच में मृतक आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में आने वाले अभ्यर्थियों एवं अन्य के साथ मिलकर रुपए के बदले नंबर में हेर– फेर करना पाया गया।
