कोंडागांव: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में मंगलवार से मंडई मेला की शुरुआत हो गई है. मंगलवार को आयोजित देव मेले में विभिन्न परगनों से श्रद्धालु अपने ईष्ट देवी-देवताओं को लेकर पहुंचे और विधिवत पूजा-अर्चना के बाद पूरे मेला परिसर की परिक्रमा की.

700 साल पुरानी परंपरा: यह मेला ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है. मेले में आए बुजुर्गों ने बताया कि यह परंपरा लगभग 700 वर्षों से चली आ रही है. ऐतिहासिक रूप से यह मेला तब शुरू हुआ, जब बंजारा समाज के लोग यहां तालाब खोदने के लिए बसेरा डाले थे. खुदाई के दौरान मूर्तियां प्राप्त हुईं, जिनमें एक माता बंजारिन और दूसरी माता ढाबागोसिन थीं. इन्हीं देवियों की स्थापना के साथ मेले की परंपरा आरंभ हुई. देवी की सेवा के लिए उड़िसा सीमा से सिरहा को बुलाया गया और तब से यह परंपरा जारी है.
गांव गांव दिया जाता है न्योता: मेले की शुरुआत हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह के पहले मंगलवार को होती है. इससे पहले माता पहुंचानी और जतरा की रस्में पूरी की जाती हैं. मेला शुरू होने से पहले पुजारी, पटेल और कोतवाल पारंपरिक रूप से गांव-गांव जाकर न्योता देते हैं. मंगलवार को देवी-देवताओं की परिक्रमा के बाद बुधवार को लोक नृत्य प्रतियोगिता है. यह मेला पूरे सप्ताह चलता है.
मंडई मेला में बड़ी संख्या में जुटे लोग
मंडई मेला में बड़ी संख्या में जुटे लोग: मंडई मेला में कोंडागांव जिले के अलग अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. बस्तर सांसद महेश कश्यप, कोंडागांव विधायक लता उसेंडी और पूर्व मंत्री मोहन मरकाम भी मेले के शुभारंभ के मौके पर पहुंचे और लोगों को शुभकामनाएं दीं.
700 साल पुरानी परंपरा
बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि मावली माता मेला मंडई का आयोजन किया है. बस्तर में सभी जगह आयोजन हो रहे हैं. महेश कश्यप ने बताया कि ”यह हमारी परंपरा है. इसका निर्वहन करना और उसे आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है. बस्तर हमारी अनोखी सांस्कृतिक विरासत है. ऐसे आयोजन से हमारी आस्था और भाईचारा दिखता है.”
देवी देवता लेकर पहुंचे श्रद्धालु
कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने कहा कि ”कोंडागांव के लोगों को मंडई मेला की बधाई. हमारी संस्कृति का आदान प्रदान होता है. मैं सभी देवी देवताओं को प्रणाम करती हूं और सभी को शुभकामनाएं देती हूं.”
मेले में पहुंचते हैं कई गांवों के लोग
पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने कहा कि ”देवी परिक्रमा के साथ आज मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ है. सभी जिलेवासियों को मेले की शुभकामनाएं देता हूं.”
