Skip to content
October 22, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
NKC NEWS

NKC NEWS

News Portal Of Chhattisgarh

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram

Tags

adhytma education Feature health krishi lekh life style loksabha chunaw mousam odisha popular sampadikiy science Trending Uncategorized vastu weather अन्तर्राष्ट्रीय अपराध कृषि खेल छत्तीसगढ़ धर्म मनोरंजन राजनीति राष्ट्रीय विश्व व्यापार

Categories

  • adhytma
  • education
  • Feature
  • health
  • krishi
  • lekh
  • life style
  • loksabha chunaw
  • mousam
  • odisha
  • popular
  • sampadikiy
  • science
  • Trending
  • Uncategorized
  • vastu
  • weather
  • अन्तर्राष्ट्रीय
  • अपराध
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • व्यापार
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अन्तर्राष्ट्रीय
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • व्यापार
  • Home
  • अटल के 25 साल बाद मोदी RSS के अंगने में…
  • Feature
  • राष्ट्रीय

अटल के 25 साल बाद मोदी RSS के अंगने में…

Nkc News Desk March 31, 2025

नई दिल्ली, पच्चीस साल के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के आंगन में भारत के दूसरे प्रधानमंत्री की आमद हुई है. अटल बिहारी वाजपेयी ने बतौर प्रधानमंत्री संघ के दफ्तर का दौरा 27 अगस्त 2000 को किया था. ये संघ की स्थापना का 75वां साल था. अब 25 वर्ष बाद RSS की यात्रा के शताब्दी वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागपुर संघ मुख्यालय की यात्रा की है.

आरएसएस के एक पदाधिकारी ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल के दौरान साल 2000 में यहां का दौरा किया था. संयोग है कि पीएम मोदी जब आरएसएस के दफ्तर पहुंचे हैं तो ये उनका तीसरा कार्यकाल है.  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी संस्कृति को नष्ट करने के प्रयास किए गए भारतीय संस्कृति की चेतना कभी समाप्त नहीं हुई. स्वतंत्रता संग्राम से पूर्व डॉ.हेडगेवार और गुरुजी गोलवलकर ने भी इस राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा दिया. उन्होंने 100 वर्ष पहले जिस वटवृक्ष का बीजारोपण किया था, वह आज विशाल रूप में फैल चुका है. नरेंद्र मोदी ने कहा कि संघ का यह वटवृक्ष आदर्श और सिद्धांतों की वजह से टिक पाया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत की राष्ट्रीय संस्कृति का कभी न समाप्त होने वाला अक्षय वटवृक्ष है.

10 मार्च, 2000 को के एस सुदर्शन संघ के प्रमुख बने तो देश में पीएम की कुर्सी पर वो व्यक्ति था जो कभी स्वयंसेवक रहा था. लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी के जमाने में स्वदेशी जागरण मंच, विहिप, भारतीय मजदूर संघ, किसान संघ जैसे संघ के अनुषांगिक संगठनों से कई मौकों पर टकराव होता रहा.

हालांकि संघ के प्रति वाजपेयी की निष्ठा पर कोई सवाल ही नहीं था. 1995 में ऑर्गनाइजर में लिखे एक लेख में संघ को अपनी आत्मा बताया था. उन्होंने लिखा था, “आरएसएस के साथ लंबे जुड़ाव का सीधा कारण है कि मैं संघ को पसंद करता हूं. मैं उसकी विचारधारा पसंद करता हूं और सबसे बड़ी बात, लोगों के प्रति और एक दूसरे के प्रति आरएसएस का दृष्टिकोण मुझे भाता है और यह बस आरएसएस में मिलता है.”

अटल के प्रधानमंत्री बनने के बाद एक दौर ऐसा भी आया, जब उनके संघ से रिश्ते कुछ असहज हो चले थे. उस वक्त संघ और सहयोगी संगठनों के नेता व्यक्तिगत हमले करने से भी नहीं चूकते थे. जबकि संघ में व्यक्तिगत नहीं बल्कि नीतिगत आलोचना की परंपरा रही.

संघ विचारक दिलीप देवधर के अनुसार केएस सुदर्शन अपने विचारों को लेकर बहुत दृढ़ रहते थे. यह अटल बिहारी वाजपेयी जानते थे. यही वजह रहा कि भले ही रज्जू भईया ने उन्हें 1998 में उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था, मगर उन्हें सर संघचालक का दायित्व देर से वर्ष 2000 में मिला.

देरी के पीछे संघ परिवार में यह चर्चा रहती है कि उस वक्त अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि अगर सुदर्शन अभी बनते हैं तो सरकार चलाने में परेशानी होगी. ऐसे में जब देरी से दायित्व मिला तो भी सुदर्शन वाजपेयी को लेकर कुछ नाकारात्मक हुए. दरअसल, सुदर्शन को लगा कि वाजपेयी बीजेपी में होकर भी संघ की कार्यपद्धति में हस्तक्षेप करना चाहते हैं.

माना यह भई जाता है कि संघ में भले ही सुदर्शन सर संघचालक बन गए, मगर अटल बिहारी वाजपेयी उन्हें जूनियर ही मानते थे. ऐसे में जूनियर-सीनियर होने की वजह से भी कुछ मुद्दों पर टकराव होता रहा.

संघ और उसके अनुषांगिक संगठन (स्वदेशी जागरण मंच) सरकार की विनिवेश और उदारीकरण की नीतियों का विरोध कर रहे थे.

तत्कालीन राष्ट्रपति अमेरिकी बिल क्लिंटन मार्च 2000 में भारत की यात्रा पर आए थे. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई करार हुए थे.

वाजपेयी के इस दौरे का मुख्य मकसद सरकार और संघ के बीच बढ़ रहे मतभेदों को कम करना, आर्थिक नीतियों पर संघ को संतुष्ट करना, बीजेपी के तत्कालनी नए अध्यक्ष पर चर्चा करनाऔर भविष्य की रणनीति पर चर्चा करना था.

बता दें कि अगस्त 2000 में ही वाजपेयी ने बंगारु लक्ष्मण को बीजेपी का अध्यक्ष बनाया था. गौरतलब है कि 27 अगस्त 2000 को वाजपेयी ने संघ प्रमुख केएस सुदर्शन से मुलाकात की थी और 29 अगस्त 2000 को उन्हें बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया. राजनीतिक विशेषज्ञ बताते हैं कि इस मीटिंग में निश्चित रूप से बीजेपी के नए अध्यक्ष पर चर्चा हुई होगी.

वाजपेयी के दौर में BJP को RSS के मार्गदर्शन की जरूरत थी. वाजपेयी गठबंधन सरकार चला रहे थे, उनके पास संख्याबल का संकट था. लेकिन उनकी व्यक्तिगत छवि और गठबंधन की मजबूरियों ने पार्टी को कुछ हद तक स्वायत्तता दी.

प्रधानमंत्री के रूप में वाजपेयी एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाया. उन्होंने सरकार की नीतियों और RSS की विचारधारा के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया. उनकी सरकार के दौरान, आर्थिक सुधारों और उदारीकरण की नीतियों पर RSS के साथ कुछ मतभेद उभरे, लेकिन संवाद और समन्वय के माध्यम से इनका समाधान किया गया.

PM मोदी की संघ कार्यालय की यात्रा

प्रधानमंत्री बनने के 11 साल बाद जब नरेंद्र मोदी नागपुर पहुंचे तो ये एक अहम घटनाक्रम था. अटल युग में भाजपा और संघ के रिश्ते “राजनीतिक स्वतंत्रता और वैचारिक मार्गदर्शन” के रूप में रहे, जबकि मोदी युग में ये संबंध “संघ की वैचारिक प्रतिबद्धता और सरकार की नीतिगत क्रियान्वयन” में बदल गए हैं.

दिल्ली में सरकार बनवाकर मुत्तमइन पीएम नरेंद्र मोदी 30 मार्च 2025 को संघ मुख्यालय नागपुर पहुंचे हैं. ये स्वयंसेवक मोदी के लिए deja vu अनुभव है. जब वे संघ मुख्यालय से राजनीति और राष्ट्रनीति सीख ले रहे थे.

बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संघ के सभी बड़े एजेंडों को पूरा किया और करने की कोशिश कर रहे हैं- जैसे राम मंदिर, अनुच्छेद 370 की समाप्ति और समान नागरिक संहिता. RSS ने BJP को चुनावी रणनीति और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के जरिए समर्थन दिया. 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में RSS के स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी ने BJP की जीत में अहम योगदान दिया.

लेकिन 2024 के चुनाव में स्थिति तब बदली जब बीजेपी के मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा का एक बयान आया. लोकसभा चुनाव से पहले नड्डा ने एक साक्षात्कार में कहा था, “शुरुआत में हमें RSS की जरूरत थी, लेकिन अब BJP अपने दम पर सक्षम है. हमारा संगठन बड़ा हो गया है और हम स्वतंत्र रूप से काम कर सकते हैं.”

यूं तो नड्डा का बयान BJP की बढ़ती संगठनात्मक ताकत और आत्मनिर्भरता की ओर इशारा कर रहा था. जो वाजपेयी के दौर से बिल्कुल अलग है. उस समय पार्टी RSS पर अधिक निर्भर थी.। 2014 के बाद BJP ने अपनी खुद की शक्ति (चुनावी मशीनरी, सदस्यता अभियान) विकसित की, जिससे वह RSS के बिना भी प्रभावी ढंग से काम कर सके.

लेकिन इस बयान की हवा तब निकल गई जब 2024 के नतीजे आए. बीजेपी को अपने दम पर बहुमत नहीं मिला और पार्टी 240 सीटों पर सिमट गई.

इस बयान ने RSS में कुछ नाराजगी पैदा की. RSS ने इसे पार्टी के “अहंकार” के रूप में देखा और जमीनी समन्वय की कमी को हार का कारण माना. मौजूदा सरसंघ चालक भागवत की ओर से प्रकारांतर से दिए गए बयानों ने इस तनाव को उजागर किया.

संतुलन की कोशिश

हालांकि बीजेपी तक ‘मैसेज’ चले जाने के बाद RSS एक बार फिर से अपने पुराने रोल में आ गया. संघ ने हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की भरपूर मदद की और शानदार विजय श्री हासिल करने में पार्टी को मदद की.

संघ और बीजेपी के घटनाक्रमों पर पैनी नजर रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिवेदी कहते हैं कि मुझे नहीं लगता है कि प्रधानमंत्री और सरसंघ चालक के बीच कोई गैप है. जो भी बात होती है, जो भी मैसेज होता है वो दोनों के बीच चलता रहता है.

उन्होंने कहा दो नेताओं के बीच औपचारिक मुलाकात का मतलब है कि कहीं न कहीं कोई गड़बड़ थी जिसे ठीक करने के लिए ये किया जा रहा है.मुझे लगता है कि इस सरकार में संघ के साथ सबसे बेहतर कम्युनिकेशन चल रहा है.

वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिवेदी ने जेपी नड्डा के बयान का भी जिक्र करते हुए कहा कि उनके बयान के बाद ऐसा लगा कि कुछ विवाद चल रहा है लेकिन केरल की बैठक में इस पर बातचीत हो गई. उन्होंने कहा कि वे नड्डा के बयान को गलत तरीके से नहीं देखते हैं. वैसे भी बीजेपी संघ से बड़ा संगठन हो ही गया है. लेकिन मातृ संगठन से कभी बड़ा नहीं हो सकता है. ये मुद्दा अब खत्म हो गया है.

पीएम मोदी के दौरे का एक मकसद नए बीजेपी अध्यक्ष की नियुक्ति भी है. गौरतलब है कि 2000 में नए अध्यक्ष की नियुक्ति से पहले PM वाजपेयी संघ दफ्तर गए थे. इस बार भी अब कभी भी बीजेपी के नए अध्यक्ष की घोषणा हो सकती है.

Tags: RSS के अंगने अटल मोदी

Post navigation

Previous सरगुजा: महिलाओं ने कचरा से निकाला सोना, 480 महिलाओं की लाखों में है कमाई
Next उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने चलाया स्वच्छता अभियान, सफाई कर्मियों के साथ किया श्रमदान

Related Stories

Shallu Jindal Named ‘CSR Person of the Year’ for Work in Women’s Health and Empowerment
  • health
  • राष्ट्रीय

Shallu Jindal Named ‘CSR Person of the Year’ for Work in Women’s Health and Empowerment

October 21, 2026
शालू जिन्दल महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के क्षेत्र में ‘सीएसआर पर्सन ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड से सम्मानित
  • health
  • life style
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • व्यापार

शालू जिन्दल महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के क्षेत्र में ‘सीएसआर पर्सन ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड से सम्मानित

October 21, 2026
Jindal Steel wins Worldsteel 2026 Steelie Award for Excellence in People
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • व्यापार

Jindal Steel wins Worldsteel 2026 Steelie Award for Excellence in People

October 15, 2026

Recent Posts

  • पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को नमन : मंत्री केदार कश्यप बोले- वीर जवानों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता
  • 23 अक्टूबर को जगदलपुर आएंगी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, मुरिया दरबार में होंगी शामिल, लालबाग मैदान में आमसभा को करेंगी संबोधित, वन मंत्री केदार कश्यप ने लिया तैयारियों का जायजा
  • पटवारियों की हड़ताल से धान खरीदी पर संकट, राजस्व व्यवस्था चरमराई – विनोद चंद्राकर
  • बस किराया बढ़ाकर भाजपा सरकार ने आम यात्रियों के सफर किया महंगा : विनोद चंद्राकर
  • Shallu Jindal Named ‘CSR Person of the Year’ for Work in Women’s Health and Empowerment

Categories

  • adhytma
  • education
  • Feature
  • health
  • krishi
  • lekh
  • life style
  • loksabha chunaw
  • mousam
  • odisha
  • popular
  • sampadikiy
  • science
  • Trending
  • Uncategorized
  • vastu
  • weather
  • अन्तर्राष्ट्रीय
  • अपराध
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • व्यापार

You may have missed

पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को नमन : मंत्री केदार कश्यप बोले- वीर जवानों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता
  • छत्तीसगढ़

पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को नमन : मंत्री केदार कश्यप बोले- वीर जवानों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता

October 21, 2026
23 अक्टूबर को जगदलपुर आएंगी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, मुरिया दरबार में होंगी शामिल, लालबाग मैदान में आमसभा को करेंगी संबोधित, वन मंत्री केदार कश्यप ने लिया तैयारियों का जायजा
  • छत्तीसगढ़

23 अक्टूबर को जगदलपुर आएंगी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, मुरिया दरबार में होंगी शामिल, लालबाग मैदान में आमसभा को करेंगी संबोधित, वन मंत्री केदार कश्यप ने लिया तैयारियों का जायजा

October 21, 2026
पटवारियों की हड़ताल से धान खरीदी पर संकट, राजस्व व्यवस्था चरमराई – विनोद चंद्राकर
  • छत्तीसगढ़

पटवारियों की हड़ताल से धान खरीदी पर संकट, राजस्व व्यवस्था चरमराई – विनोद चंद्राकर

October 21, 2026
बस किराया बढ़ाकर भाजपा सरकार ने आम यात्रियों के सफर किया महंगा : विनोद चंद्राकर
  • छत्तीसगढ़

बस किराया बढ़ाकर भाजपा सरकार ने आम यात्रियों के सफर किया महंगा : विनोद चंद्राकर

October 21, 2026

ओनर: स्नेहलता पटेल
7566699181

Address: K-13, Moti Nagar, In front of Sharda petrol pump, beside Neha medical, Raipur, Chhattisgarh 492001.
Mobile No.: 7693947100
Email: nkcnewscg@gmail.com

  • पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को नमन : मंत्री केदार कश्यप बोले- वीर जवानों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता
  • 23 अक्टूबर को जगदलपुर आएंगी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, मुरिया दरबार में होंगी शामिल, लालबाग मैदान में आमसभा को करेंगी संबोधित, वन मंत्री केदार कश्यप ने लिया तैयारियों का जायजा
  • पटवारियों की हड़ताल से धान खरीदी पर संकट, राजस्व व्यवस्था चरमराई – विनोद चंद्राकर
  • बस किराया बढ़ाकर भाजपा सरकार ने आम यात्रियों के सफर किया महंगा : विनोद चंद्राकर
  • Shallu Jindal Named ‘CSR Person of the Year’ for Work in Women’s Health and Empowerment
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • राष्ट्रीय
  • अन्तर्राष्ट्रीय
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • व्यापार
  • Facebook
  • Twitter
  • Linkedin
  • VK
  • Youtube
  • Instagram
Copyright © All rights reserved. | DarkNews by AF themes.