2025 से 2030 तक भारत दिखाएगा दम, बनेगा तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की हालिया रिपोर्ट ने भारत के आर्थिक कद को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. IMF के मुताबिक, भारत अब 4.19 ट्रिलियन डॉलर की GDP के साथ जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है. यह आंकड़ा IMF की अप्रैल 2025 में जारी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में अनुमान के रूप में पेश किया गया था, जो अब वास्तविकता में बदल चुका है.

वहीं, एक बार फिर IMF ने भारत की तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था पर भरोसा जताया है. IMF की 2025-2030 की इकोनॉमी रिपोर्ट में भारत की इकोनॉमी को तेजी से बढ़ते हुए दिखाया गया है. IMF के अनुमान के मुताबिक 2030 तक भारत तीसरी नहीं बल्कि दूसरी सबसे इकोनॉमी बन जाएगा. ऐसे में आइए जानते हैं नंबर 1 और 2 पर कौन हो सकता है?
IMF की 2025 टॉप 10 इकोनॉमी लिस्ट
- अमेरिका 30.51
- चीन 19.23
- जर्मनी 4.74
- भारत 4.19
- जापान 4.18
- यूनाइटेड किंगडम 3.84
- फ्रांस 3.21
- इटली 2.42
- कनाडा 2.23
- ब्राजील 2.13
भारत दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनेगा
Bloomberg और Global Times के अनुसार, भारत 2025 से 2030 के बीच अमेरिका और चीन के साथ मिलकर दुनिया की तीन सबसे बड़ी ग्रोथ इंजन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा. यदि यही रफ्तार बनी रही, तो भारत जल्द ही अमेरिका को पछाड़ कर दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. IMF की रिपोर्ट के मुताबिक पहली बड़ी इकोनॉमी चीन और तीसरी अमेरिका होगा.
IMF की रिपोर्ट ने न केवल भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव की ओर इशारा किया है, बल्कि इस बात को भी रेखांकित किया है कि नई अर्थव्यवस्थाएं अब पुरानी वैश्विक व्यवस्था को चुनौती देने की स्थिति में हैं.
#GTGraphic: China🇨🇳, India🇮🇳, and the US🇺🇸 are projected to be the top global growth engines from 2025 to 2030, according to Bloomberg calculations based on IMF data.#FactsMatter @_ValiantPanda_ pic.twitter.com/ScTVKL0Lc5
— Global Times (@globaltimesnews) June 3, 2025
GDP आंकड़े बनाम ज़मीनी सच्चाई
हालांकि भारत की इस आर्थिक छलांग पर गर्व करना लाजमी है, लेकिन GDP ही देश की समग्र प्रगति का एकमात्र पैमाना नहीं है. विशेषज्ञ मानते हैं कि GDP आर्थिक उत्पादन का मात्रक भर है, लेकिन यह यह नहीं दर्शाता कि देश में गरीबी, शिक्षा, स्वास्थ्य, लैंगिक असमानता और जीवन की गुणवत्ता कैसी है. भारत में अभी भी ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है, और महिलाओं का अवैतनिक श्रम बड़ी आर्थिक भूमिका निभाता है जिसे GDP में गिना नहीं जाता.
