रायपुर। छत्तीसगढ़ में सोमवार को सुबह नक्सलियों द्वारा किए गए एक बड़े वारदात में कोंटा के एसडीओपी आकाश राव गिरीपुंजे शहीद हो गए। वहीं, एक एसडीओपी भानुप्रताप चंद्राकर और इंस्पेक्टर सोनल ग्वाल गंभीर रुप से जख्मी हुए हैं। गंभीर रुप से घायलों को एयर एंबुलेंस से रायपुर लाया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अफसरों को एयर एंबुलेंस इंतजाम करने कहा है।

बता दें, 1980 के दशक में बस्तर में नक्सली गतिविधियां बढ़नी शुरू हुई थी। उसके बाद 45 साल में अभी तक बस्तर में 500 से अधिक जवान शहीद हो चुके हैं। कई बार नक्सलियों ने बस्तर में नरसंहार जैसे वारदातों को अंजाम दिया है। माओवादी तांडव की सबसे बड़ी घटना 6 अप्रैल 2020 को ताड़़मेटला में हुई थी। नक्सलियों ने तब ऑपरेशन से लौट रहे सीआरपीएफ के 75 जवानों समेत 76 को मार डाला था। सीआरपीएफ के जवान रात भी जंगल में गश्त करने के बाद बैरक लौटते समय थोड़ी देर के लिए सुस्ताने पहाड़ी के नीचे बैठे थे, तभी नक्सलियों ने पहाड़ी के उपर से फायर खोल दिया था। इस घटना से पूरा देश हिल गया था।
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शहीद एसपी विनोद चौबे
अफसर लेवल पर अगर शहादत की बात करें तो राजनांदगांव के पुलिस अधीक्षक विनोद चौबे नक्सलियों से लड़ते वीरगति को प्राप्त हुए थे। 16 साल पहले 12 जुलाई 2009 को मोहला-मानपुर में नक्सलियों ने एक जवान को मार डाला था। नक्सलियों ने पुलिस की बड़ी पार्टी को ट्रेप करने के लिए इस घटना को अंजाम दिया था। उन्हें पता था कि जवान की हत्या के बाद राजनांदगांव जिले से पुलिस पार्टी आएगी। इसलिए रास्ते में तगड़ा एंबुश लगा रखा था। एसपी विनोद चौबे पुलिस पार्टी के एंबुश में फंस गए। नक्सलियों के इस हमले में एसपी समेत 30 जवान शहीद हुए थे।
शहीद एएसपी राजेश पवार
मई 2011 में गरियाबंद में एक बड़ा नक्सली हमला हुआ था। इसमें गरियाबंद जिले के एडिशनल एसपी राजेश पवार समेत 11 जवान शहीद हो गए थे। तब नक्सलियों ने मुखबिर के जरिये पुलिस को खबर भिजवाई कि जंगल में नक्सलियों की मीटिंग होने वाली है। इस सूचना पर एएसपी राजेश पवार थाने से जवानों को लेकर रवाना हुए। रास्ते में उनकी गाड़ी खराब हो गई। इसी बीच नक्सलियों ने हमला बोल दिया। इस घटना में एएसपी राजेश पवार समेत 11 कांस्टेबल मौके पर ही शहीद हो गए थे।
शहीद भास्कर दीवान
छत्तीसगढ़ बनने के एक साल पहले नक्सलियों ने नारायणपुर में बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। तब नारायणपुर जिला नहीं बना था। बस्तर जिले में नारायणपुर आता था। नक्सली गतिविधियों को देखते सरकार ने नारायणपुर में एसडीओपी के साथ ही एडिशनल एसपी की तैनाती की थी। 3 फरवरी 2000 को नक्सलियों ने एडिशनल एसपी की गाड़ी उडा दी थी। उस घटना में एडिशनल एसपी भास्कर दीवान समेत 24 जवान शहीद हुए थे। भास्कर दीवान बिलासपुर के रहने वाले थे।
शहीद आकाश राव गिरीपुंजे
सुकमा जिले के कोंटा सब डिवीजन के एडिशनल एसपी आकाश गिरीपुंजे आज सुबह कोंटा-एर्राबोर के बीच डोंड्रा गांव के पास आईडी ब्लास्ट में शहीद हो गए। बताते हैं, कल रात नक्सलियों ने डोंड्रा में एक ठेकेदार की जेसीबी में आग लगा दी थी। इसकी सूचना पर एएसपी आकश गिरीपुंजे पुलिस पार्टी के साथ रवाना हुए थे। सड़क पर गाड़ी खड़ी कर वे पैदल गांव की तरफ जा रहे थे, तभी आईडी के उपर उनका पैर पड़ गया। इस घटना में एएसपी मौके पर ही शहीद हो गए।
इंस्पेक्टर लेवल पर बड़ी संख्या
शहीद अफसरों में एक एसपी और तीन एएसपी शामिल हैं। आज कोंटा ब्लास्ट में एसडीओपी भानुप्रताप चंद्राकर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बाकी इंस्पेक्टरों के शहीद होने की कई घटनाएं हुई हैं। 45 साल में दर्जन भर से अधिक इंस्पेक्टर नक्सलियों से लड़ते वीर गति को प्राप्त हुए होंगे।
“छत्तीसगढ़ के सुकमा में सोमवार को हुए नक्सली ब्लास्ट में एडिशनल एसपी आकाश राव गिरीपुंजे शहीद हो गए। वहीं, कोंटा एसडीओपी और इंस्पेक्टर गंभीर रुप से जख्मी हुए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अफसरों से बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस का इंतजाम करने कहा है। घटना के बाद मुख्यमंत्री ने डीजीपी से भी बात कर पूरी रिपोर्ट ली है।”
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा में माओवादियों ने बारुदी सुरंग विस्फोट कर पुलिस की गाड़ी उड़ा दी। इस घटना में कोंटा के एसडओपी आकाश राव गिरीपुंजे शहीद हो गए। वहीं, कोंटा के एसडीओपी भानुप्रताप चंद्राकर और इंस्पेक्टर सोमन ग्वाल गंभीर रुप से जख्मी हुए हैं। एसडीओपी और इंस्पेक्टर का कोंटा में इलाज कराया जा रहा है। मगर उनकी स्थिति बेहद नाजुक है। उन्हें हेलिकाप्टर से रायपुर लाने का प्रयास किया गया मगर डॉक्टरों ने उनकी स्थिति इस लायक नहीं बताया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना की जानकारी मिलते ही डीजीपी अरुणदेव गौतम से बात कर पूरी रिपोर्ट ली। उन्होंने अपने प्रमुख सचिव सुबोध सिंह से घायल अफसरों को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस का इंतजाम करने कहा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एयर एंबुलेंस मंगाए जा रहे हैं। बाकी अफसरों ने सुकमा जिला प्रशासन के अधिकारियों को फोन कर कहा है कि डीएसपी और इंस्पेक्टर के इलाज के लिए जरूरत हो तो आसपास के जिलों से विशेषज्ञ डॉक्टरों को बुला सकते हैं। एयर एंबुलेंस आते ही उन्हें बेहतर इलाज के लिए शिफ्थ कर दिया जाएगा।
शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरीपुंजे रायपुर के रहने वाले हैं। वे 2013 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोपहर दो बजे के करीब उनका पार्थिव शरीर रायपुर लाया जाएगा।
घायल एसडीओपी भानुप्रताप चंद्राकर 2022 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी हैं, वहीं इंस्पेक्टर सोनल ग्वाल 2008 बैच के। सोनल बिलासपुर के रहने वाले हैं।
