रायपुर: छत्तीसगढ़ में आज से स्कूल खुल गए हैं. इससे पहले शनिवार और रविवार को स्कूल बसों की चेकिंग की गई. स्कूल बस ड्राइवर और कंडक्टर का हेल्थ चेकअप भी किया गया. स्कूल बस फिटनेस टेस्ट: रायपुर में शैक्षणिक संस्थानों के स्कूल कॉलेज बसों की जांच करने के साथ ही ड्राइवर और कंडक्टर के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जांच शिविर लगाया गया. रायपुर जिले के 27 शैक्षणिक संस्थानों में कुल 418 बसों की जांच की गई. जिसमें से 302 बसें फिट मिली और 116 बसों में जांच के दौरान खामियां मिली. जिस स्कूल कॉलेज बसों में खामियां मिली हैं, उनके संस्था प्रबंधकों को खामी को जल्द से जल्द दुरूस्त करने के निर्देश दिए गए हैं.

शनिवार और रविवार को रायपुर एसएसपी लाल उमेद सिंह के निर्देश पर सीनियर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आशीष देवांगन, ट्रैफिक एडिशनल एसपी डॉ. प्रशांत शुक्ला के मार्गदर्शन में परिवहन विभाग, यातायात विभाग और स्वास्थ्य विभाग रायपुर ने पुराना बस स्टैण्ड पंडरी स्थित परिवहन कार्यालय में बसों का फिटनेस चेक किया गया.
इन बिंदुओं पर बसों की जांच
⦁ पंजीयन प्रमाण पत्र आरसीबुक
⦁ मोटरयान कर जमा रसीद
⦁ वाहन परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र
⦁ बीमा प्रमाण पत्र, वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र
⦁ चालक का अनुज्ञा पत्र, स्पीड गवर्नर
⦁ वाहन की मैकनिकल फिटनेस जांच
⦁ हेड लाइट, ब्रेक लाइट, पार्किंग लाइट
⦁ इंडिकेटर लाइट, स्टेयरिंग, टायर
⦁ वायपर, ब्रेक/हैण्ड ब्रेक, क्लच, एक्सिलेटर
⦁ सीट की स्थिति, हॉर्न, रिफ्लेक्टर
इन बातों का रखना है विशेष ख्याल
⦁ उच्चतम न्यायालय द्वारा स्कूल बसों के संबंध में दिए गये निर्देश के पालन की जांच/ बस के आगे और पीछे ON SCHOOL DUTY लिखा होना चाहिए.
⦁ अगर बस किसी और उद्देश्य की भी है (जैसे किराए की बस), तो उस पर “ON SCHOOL DUTY ” लिखा होना चाहिए.
⦁ बस पीले रंग की होनी चाहिए.
⦁ बस के चारों ओर चौड़ी पट्टी होनी चाहिए, जिस पर स्कूल का नाम, पता एवं मोबाइल नंबर होना चाहिए.
⦁ बस में फर्स्ट ऐड बॉक्स अनिवार्य है.
⦁ सभी सीटों के नीचे बस्ता रखने के लिए स्थान होनी चाहिए.
⦁ बस में फायर एग्जिंग्विशर होना जरूरी है.
⦁ स्पीड गवर्नर लगे होने चाहिए.
⦁ बस का ड्राइवर कम से कम 5 साल का भारी वाहन चलाने का अनुभव वाला होना चाहिए.
⦁ बस में एक अटेंडर/हेल्पर (महिला स्टाफ विशेषकर प्राथमिक स्कूल के लिए) होना चाहिए.
⦁ बस की खिड़कियों के बाहर जाली होना अनिवार्य है.
⦁ बस के अंदर और बाहर का दरवाजा स्वचालित या सुरक्षित तरीके से बंद/खुलने वाला होना चाहिए.
⦁ बस की नियमित मेंटेनेंस की जानी चाहिए.
⦁ सभी परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा आदि अपडेट होने चाहिए.
⦁ कोई भी स्कूल बस 12 वर्ष से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए.
