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  • धमतरी में क्राइम पर लगाम लगाएंंगे सरपंच, 108 ग्राम पंचायत में शुरू होगा “मेरा गांव मेरा अभियान”
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धमतरी में क्राइम पर लगाम लगाएंंगे सरपंच, 108 ग्राम पंचायत में शुरू होगा “मेरा गांव मेरा अभियान”

Nkc News Desk September 2, 2025

धमतरी: नशा नाश का जड़ है और इसे खत्म करना बेहद जरूरी है. इसी उद्देश्य को लेकर अब धमतरी में सरपंच सामने आ गए है. बढ़ते आपराधिक मामलों को लेकर अब सरपंच संघ की अनोखी पहल सामने आ रही है. कुरूद क्षेत्र के 108 ग्राम पंचायत के सरपंच अपनी इस पहल से नशा मुक्ति का अभियान चलाएंगे जिसका नाम रखा गया है “मेरा गांव मेरा अभियान”. इस अभियान को लेकर सरपंच संघ ने कलेक्टर से मुलाकात की और मॉडल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने के लिए आवेदन सौंपा.

मेरा गांव मेरा अभिमान: कुरूद क्षेत्र के सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को आवेदन के माध्यम से बताया कि कुरूद जनपद पंचायत के 108 सरपंचों के सामूहिक प्रयास से एक जनजागरण अभियान “मेरा गांव मेरा अभिमान” शुरू करने का निर्णय लिया गया है. इस अभियान के अंतर्गत ग्राम स्तर पर नशा मुक्ति आंदोलन शुरू किया जाएगा. युवाओं को नशामुक्त करने जनजागरण रैली, शपथ ग्रहण, दीवार लेखन, नुक्कड़ नाटक और स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा.

सरपंच संघ की कलेक्टर से मुलाकात
समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में काम: भाटागांव ग्राम पंचायत की सरपंच पुष्पलता साहू ने बताया कि उनका उद्देशय कुरुद ब्लॉक को नशामुक्त बनाना है. इसलिए सरपंच संघ के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के साथ मिलकर वे शासन प्रशासन से मदद मांगने पहुंचे. उन्होंने कहा कि पूरे समाज को नशामुक्त बनाया जाएगा. महिला सरपंच ने बताया कि उन्होंने अपने ग्राम पंचायत में नशा मुक्ति को लेकर क्षेत्र में जन जागरूकता, दीवार लेखन, मुनादी जैसे आयोजन करवाया. समाज में मुखिया की बैठक लेकर आरोपियों को दंड देने का प्रावधान है. जिससे भाटागांव ग्राम पंचायत में काफी सुधार दिख रहा है.

धमतरी में नशामुक्ति के लिए “मेरा गांव मेरा अभियान (ETV Bharat Chhattisgarh)
नशे के कारण ही क्राइम बढ़ रहा है. बच्चे नशे की चपेट में आ रहे हैं. स्कूली बच्चे भी इसके कारण उग्र हो रहे हैं-पुष्पलता साहू, सरपंच, ग्राम पंचायत भाटागांव

108 ग्राम पंचायत नशा मुक्ति के लिए चलाएंगे मोर गांव मोर अभियान कार्यक्रम: सरपंच टिकेश कुमार साहू का कहना है कि धमतरी जिले के युवा बर्बाद ना हो. युवा अपनी सोच को अच्छी चीजों में लगाए. स्कूल के बच्चे और लड़कियां भी नशा कर रही है. पहले गिने चुने लोग नशा करते थे लेकिन अभी 100 प्रतिशत लोग नशे के चंगुल में है. इसलिए गांव से ही नशा मुक्ति की शुरुआत क रहे हैं. शासन स्तर पर गाइडलाइन जारी कर पंचायत की सामूहिक सहभागिता से इस पर काम किया जाए. निश्चित ही इस अभियान से गांव नशा मुक्त और स्वच्छ नजर आने लगेगा.

धमतरी के कुरुद ब्लॉक को नशामुक्त करने की पहल
कुरूद विधानसभा अंतर्गत 108 ग्राम पंचायतों में नशा मुक्ति के लिए एक अभियान चलाया जाएगा-

टिकेश कुमार साहू, सरपंच

सरपंच हरिशंकर साहू ने कहा कि नाबालिग और युवा पीढ़ी नशाखोरी से ग्रस्त है. इस नशा को रोककर समाज को पटरी पर लाने के लिए कलेक्टर से मिले थे. पहले मॉडल के रूप में कुरुद जनपद के 108 सरपंच को इस मुहिम को चलाया जाएगा. उसके बाद जिलास्तर पर शुरू किया जाएगा.

कुरुद के गांवों को स्वच्छ करने की भी मुहिम (ETV Bharat Chhattisgarh)
नशामुक्ति के साथ गांव को स्वच्छ बनाने पर भी जोर: सरपंच संघ ने स्वच्छ ग्राम अभियान की गहिला कमांडो व ग्रीम आर्मी की सक्रिय भागीदारी के नेतृत्व में गांवों को स्वच्छ बनाने की भी योजना रखी है. जिसके अंतर्गत ग्रामीण अंचल में प्रगतिशील वातावरण निर्मित करना और स्वच्छता व जनजागरूकता के माध्यम से गांव को आदर्श स्वरूप प्रदान करना है. इसमें महिला शक्ति को अग्रणी भूमिका प्रदान कर समाज में सकारात्मक संदेश देने का प्रयास होगा.

गांव को स्वच्छ बनाने स्वच्छ ग्राम अभियान ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (SLWM) आधारित कार्ययोजना, कचरा संग्रहण, प्लास्टिक मुक्त गांव, सार्वजनिक स्थानों की नियमित स्वच्छता के लिए महिला कमांडो की भूमिका तय की जाएगी. ग्रीन आर्मी की भूमिका युवा स्वयंसेवकों द्वारा पौधों की देखरेख स्वच्छता पर सतत निगरानी एवं गली मोहल्लों में व्यवहार परिवर्तन हेतु जनजागरूकता किया जाएगा. पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण वन विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में प्रत्येक ग्राम पंचायत में निर्धारित क्षेत्रवार पौधारोपण कर ‘ग्रीन कॉरिडोर’ की स्थापना करना है.

जिला पंचायत अध्यक्ष ने की सरपंच संघ के योजना की तारीफ

जिला पंचायत अध्यक्ष ने की सरपंच संघ के योजना की तारीफ: जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने बताया कि नशा आज बड़ी समस्या बनकर उभर रहा है. आज की युवा पीढ़ी नशे की चपेट है जिससे ये चिंता का विषय है कि अगली पीढ़ी का क्या होगा. धमतरी जिले में कई ऐसी घटनाएं हो रही है जो मानवता के लिए विनाशकारी है. इस पर लगाम लगना जरूरी है. इसमें सभी की भागीदारी होनी चाहिए. कुरुद ब्लॉक के सरपंच संघ के प्रतिनिधि एक योजना लेकर पहुंचे थे. उनकी सोच है कि मेरा गांव मेरा अभिमान के तहत नशा मुक्ति पर काम कर रहे हैं.

अरुण सार्वा ने आगे बताया स्वच्छ ग्राम पर भी काम किया जा रहा है. गांव गांव में पेड़ पौधे लगाने को लेकर भी ग्राम पंचायत स्तर पर काम किया जा रहा है. पूरी प्लानिंग के तहत काम किया जा रहा है.

धमतरी कलेक्टर ने कहा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलेगा अभियान
एक सुंदर उद्देश्य के साथ सरपंच प्रतिनिधि इस पर काम कर रहे हैं. हर गांव के सरपंच अपने अपने ग्राम पंचायत को सुधारने की दिशा में काम कर रहे हैं- अरुण सार्वा, जिला पंचायत अध्यक्ष

कलेक्टर ने दिलाया हर मदद का भरोसा: वहीं सरपंच संघ के प्रतिनिधियों से मिलने के बाद कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि बहुत ही अच्छा प्रोजेक्ट कुरूद के सरपंच संघ ने बनाया है. नशा मुक्ति और स्वच्छ गांव बनाने का यह प्रोजेक्ट काफी अच्छा है. हम भी इस पर विचार करेंगे. इस पर एक्शन प्लान तैयार कर इस पायलट प्रोजेक्ट को तैयार किया जाएगा.

Tags: "मेरा गांव मेरा अभियान" 108 ग्राम पंचायत क्राइम पर लगाम धमतरी सरपंच

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ग्राम पंचायत विजयनगर में जनसमस्या निवारण शिविर में कृषि मंत्री हुए शामिल* जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती अपनाने किया प्रेरित जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण ही सुशासन की पहचान – मंत्री श्री नेताम बलरामपुर, सुशासन को जन-जन तक पहुँचाने एवं आमजनों की समस्या का त्वरित निराकरण और शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर तक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम पंचायत विजयनगर में कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, अन्य जनप्रतिनिधिगण, वनमण्डलाधिकारी श्री आलोक बाजपेई, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए। इस दौरान शिविर में विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने स्टालों का अवलोकन कर प्राप्त आवेदनों एवं निराकरण की जानकारी ली। इस दौरान 05 बच्चों का अन्नप्राशन, 05 गर्भवती माताओं के गोदभराई की रश्म की गई। साथ विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया गया। शिविर में मंत्री रामविचार नेताम ने संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और यही सुशासन की वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि शासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने एग्रीस्टेक में किसानों को पंजीयन कराने की बात कही उन्होंने कहा कि पंजीयन के अभाव में कई महत्वपूर्ण योजनाओं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, धान खरीदी, खाद-बीज प्राप्त करने में कठिनाई आ सकती है उन्होंने एग्रीस्टेक में अवश्य रूप से पंजीयन करने की बात कही। मंत्री श्री नेताम ने रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए किसानों को जैविक खाद एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखती है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित उत्पादन भी सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अपनी आय में भी वृद्धि कर सकते हैं। मंत्री श्री नेताम ने किसानों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए टपक सिंचाई पद्धति अपनाने तथा दलहन सहित अन्य फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने की सलाह दी। उन्होंने जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि आवश्यकता के अनुरूप उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेने की बात कही। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जनता के प्रति जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, मांगें और शिकायतें प्रस्तुत की। जिनका संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया गया। साथ ही शेष आवेदनों को निराकरण किया जा रहा है। सुशासन शिविर बना जल संरक्षण, जैविक खेती और स्वच्छता का जनजागरूकता मंच प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दे रहा सुशासन तिहार आम जनता की सहूलियत के लिए आयोजित किए जा रहे सुशासन शिविर अब सिर्फ समस्याओं के समाधान तक ही सीमित नहीं रह गया हैं, बल्कि ग्रामीणजनों को पर्यावरण संरक्षण के लिए भी जागरूक कर रहा है। रामचन्द्रपुर विकासखंड के विजयनगर में लगे सुशासन शिविर में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण, नील हरित शैवाल, ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन से जुड़े कई जीवंत मॉडल प्रदर्शित किया गया। शिविर में जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के लिए 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर के साथ-साथ सोख्ता गड्ढा, जैविक खेती के लिए नील-हरित शैवाल और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के जीवंत मॉडलों ने ग्रामीणों को आकर्षित किया। शिविर में जल संरक्षण की एक और बेहद आसान और असरदार तकनीक 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर, सोख्ता गड्ढा का सजीव मॉडल बनाकर लोगों को जागरूक किया गया। जो अतिरिक्त पानी या बारिश के जल को संरक्षण का बेहतर तरीका है। शिविर में बने इस मॉडल को देखकर कई ग्रामीणों ने इसे अपने घरों और हैंडपंपों के पास बनाने की बात कही। कृषि विभाग द्वारा नील-हरित शैवाल बनाने की जानकारी दी गई।। शिविर में एक छोटा तालाबनुमा ढांचा बनाकर इसे तैयार करने और इस्तेमाल करने की विधि दिखाई गई। साथ ही हरी खाद और संतुलित उर्वरक के सम्बंध में भी बताया गया। किसानों को बताया गया कि धान की फसल के लिए यह एक बेहतरीन प्राकृतिक नाइट्रोजन देने वाला जैव उर्वरक है। इसके इस्तेमाल से न केवल मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है और फसल की पैदावार सुधरती है, खेती की लागत कम करने का यह तरीका मौजूद किसानों को बेहद पसंद आया। पर्यावरण को साफ-सुथरा और सेहतमंद बनाए रखने के लिए शिविर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के तहत कचरा प्रबंधन का भी सजीव प्रदर्शन किया गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि कैसे वे अपने घरों के गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करके पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते हैं। अलग-अलग रंगों के डस्टबिन के माध्यम से गीले कचरे से जैविक खाद बनाने और सूखे या खतरनाक कचरे के सही निपटान की जानकारी दी गई।
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ग्राम पंचायत विजयनगर में जनसमस्या निवारण शिविर में कृषि मंत्री हुए शामिल* जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती अपनाने किया प्रेरित जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण ही सुशासन की पहचान – मंत्री श्री नेताम बलरामपुर, सुशासन को जन-जन तक पहुँचाने एवं आमजनों की समस्या का त्वरित निराकरण और शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर तक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम पंचायत विजयनगर में कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, अन्य जनप्रतिनिधिगण, वनमण्डलाधिकारी श्री आलोक बाजपेई, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए। इस दौरान शिविर में विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने स्टालों का अवलोकन कर प्राप्त आवेदनों एवं निराकरण की जानकारी ली। इस दौरान 05 बच्चों का अन्नप्राशन, 05 गर्भवती माताओं के गोदभराई की रश्म की गई। साथ विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया गया। शिविर में मंत्री रामविचार नेताम ने संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और यही सुशासन की वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि शासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने एग्रीस्टेक में किसानों को पंजीयन कराने की बात कही उन्होंने कहा कि पंजीयन के अभाव में कई महत्वपूर्ण योजनाओं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, धान खरीदी, खाद-बीज प्राप्त करने में कठिनाई आ सकती है उन्होंने एग्रीस्टेक में अवश्य रूप से पंजीयन करने की बात कही। मंत्री श्री नेताम ने रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए किसानों को जैविक खाद एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखती है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित उत्पादन भी सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अपनी आय में भी वृद्धि कर सकते हैं। मंत्री श्री नेताम ने किसानों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए टपक सिंचाई पद्धति अपनाने तथा दलहन सहित अन्य फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने की सलाह दी। उन्होंने जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि आवश्यकता के अनुरूप उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेने की बात कही। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जनता के प्रति जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, मांगें और शिकायतें प्रस्तुत की। जिनका संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया गया। साथ ही शेष आवेदनों को निराकरण किया जा रहा है। सुशासन शिविर बना जल संरक्षण, जैविक खेती और स्वच्छता का जनजागरूकता मंच प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दे रहा सुशासन तिहार आम जनता की सहूलियत के लिए आयोजित किए जा रहे सुशासन शिविर अब सिर्फ समस्याओं के समाधान तक ही सीमित नहीं रह गया हैं, बल्कि ग्रामीणजनों को पर्यावरण संरक्षण के लिए भी जागरूक कर रहा है। रामचन्द्रपुर विकासखंड के विजयनगर में लगे सुशासन शिविर में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण, नील हरित शैवाल, ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन से जुड़े कई जीवंत मॉडल प्रदर्शित किया गया। शिविर में जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के लिए 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर के साथ-साथ सोख्ता गड्ढा, जैविक खेती के लिए नील-हरित शैवाल और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के जीवंत मॉडलों ने ग्रामीणों को आकर्षित किया। शिविर में जल संरक्षण की एक और बेहद आसान और असरदार तकनीक 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर, सोख्ता गड्ढा का सजीव मॉडल बनाकर लोगों को जागरूक किया गया। जो अतिरिक्त पानी या बारिश के जल को संरक्षण का बेहतर तरीका है। शिविर में बने इस मॉडल को देखकर कई ग्रामीणों ने इसे अपने घरों और हैंडपंपों के पास बनाने की बात कही। कृषि विभाग द्वारा नील-हरित शैवाल बनाने की जानकारी दी गई।। शिविर में एक छोटा तालाबनुमा ढांचा बनाकर इसे तैयार करने और इस्तेमाल करने की विधि दिखाई गई। साथ ही हरी खाद और संतुलित उर्वरक के सम्बंध में भी बताया गया। किसानों को बताया गया कि धान की फसल के लिए यह एक बेहतरीन प्राकृतिक नाइट्रोजन देने वाला जैव उर्वरक है। इसके इस्तेमाल से न केवल मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है और फसल की पैदावार सुधरती है, खेती की लागत कम करने का यह तरीका मौजूद किसानों को बेहद पसंद आया। पर्यावरण को साफ-सुथरा और सेहतमंद बनाए रखने के लिए शिविर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के तहत कचरा प्रबंधन का भी सजीव प्रदर्शन किया गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि कैसे वे अपने घरों के गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करके पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते हैं। अलग-अलग रंगों के डस्टबिन के माध्यम से गीले कचरे से जैविक खाद बनाने और सूखे या खतरनाक कचरे के सही निपटान की जानकारी दी गई।

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May 29, 2026

ओनर: स्नेहलता पटेल
7566699181

एडिटर: ललित यादव
7693947100

Address: K-13, Moti Nagar, In front of Sharda petrol pump, beside Neha medical, Raipur, Chhattisgarh 492001.
Mobile No.: 7693947100
Email: nkcnewscg@gmail.com

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