ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन की पूजा की जाती है। इस वर्ष गोवर्धन पर्व 22 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान श्री कृष्ण, गाय और बैलों का पूजन किया जाता है। भगवान श्री कृष्ण के निमित्त दीपक जलाकर अन्नकूट का भोग अर्पित करने की परंपरा है। शाम को राजा बली और भगवान विष्णु का पूजन भी किया जाता है।

गोवर्धन पूजा के लिए प्रातः काल 06:10 बजे से 08:26 बजे तक का मुहूर्त श्रेष्ठ है।
दोपहर में 03:15 बजे से शाम 05:31 बजे तक का समय भी पूजन के लिए शुभ है।
23 अक्तूबर को भाई दूज और चित्रगुप्त पूजन
भाई दूज का पर्व कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल भाई दूज का त्योहार 23 अक्तूबर को मनाया जाएगा। द्वितीया तिथि का प्रारंभ 22 अक्तूबर को रात 08:16 बजे से होगा। यह तिथि 23 अक्तूबर को रात 10:46 बजे समाप्त होगी। रक्षाबंधन की तरह यह त्योहार भी भाई-बहन के रिश्ते के लिए बेहद खास होता है। इस दिन यमुना नदी में डुबकी लगाने की भी परंपरा है।
कायस्थ समाज के लोग यम द्वितीया के दिन अपने कुल प्रमुख चित्रगुप्त जी का पूजन करते हैं।
भाई दूज पर टीका का शुभ मुहूर्त दोपहर 01:13 बजे से 03:28 बजे तक है।
यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और एक-दूसरे के प्रति शुभकामनाओं का प्रतीक है।
