रायपुर। प्रदेशभर के 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को एफपीपीएएस शुल्क में थोड़ी राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी इसका शुल्क ज्यादा होने पर इसको दो माह में बांटकर वसूली कर रही है। इससे एक माह थोड़ी राहत रही है, पर अब बीते माह का बकाया दूसरे माह में वसूलने से दूसरे माह में डबल झटका भी लग रहा है। नवंबर में जब अक्टूबर का बिल आएगा, तो इसमें भी महंगी बिजली का डबल झटका लगेगा।

वैसे भी अगस्त से बिजली बिल हॉफ योजना का दायर कम करने के बाद घरेलू उपभोक्ताओं को हर माह 400 यूनिट पर हजार से 11 सौ रुपए ज्यादा देने पड़ रहे हैं। इसी के साथ जुलाई से बिजली भी 20 से 30 पैसे यूनिट महंगी हो गई है। बिजली का नया टैरिफ इस बार जुलाई से लागू होने के कारण वैसे ही बिजली महंगी हो गई है। ऐसे में जब अगस्त के बिल के समय एफपीपीएएस शुल्क तय हुआ तो यह 14.20 प्रतिशत आया।
क्या है एफपीपीएएस
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड – CSPDCL का एफपीपीएएस (FPPAS) शुल्क हर महीने बदलता है और इसकी गणना ईंधन तथा बिजली खरीद की लागत में हुए उतार-चढ़ाव के आधार पर की जाती है। यह कोई निश्चित शुल्क नहीं है, बल्कि एक अतिरिक्त अधिभार है जो बिजली के बिल में जुड़ता है
