रायपुर: छत्तीसगढ़ राजभवन अब ‘लोकभवन‘ के नाम से जाना जाएगा. गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी पत्र के अनुसार, राज्यपाल के सचिव डॉ.सी.आर प्रसन्ना ने राजभवन का नाम परिवर्तित कर लोकभवन करने का आदेश आज जारी किया. राज्यपाल के सचिव ने बताया कि राज्यपालों के सम्मेलन – 2024 में राजभवनों का नाम बदलकर लोकभवन करने का सुझाव दिया गया था. इसी के तहत गृह मंत्रालय द्वारा जारी पत्र के परिपालन में अब से सभी शासकीय प्रयोजनों के लिए राजभवन का नाम लोकभवन के नाम से पढ़ा और लिखा जाएगा.

छत्तीसगढ़ राजभवन अब लोकभवन के नाम से जाना जाएगा
देश भर में सभी राजभवन का नाम बदले जाने के साथ साथ पीएमओ का भी नाम बदला गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम अब सेवा तीर्थ के नाम से जाना जाएगा. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस सबंध में बताया गया कि भारत के सभी पब्लिक इंस्टीट्यूशंस में बड़ा बदलाव किया गया है. बदलाव का मकदस गवर्नेंस का आइडिया और सेवा और अथारिटी की जिम्मेदारी बढ़ाना है. पीएमओ जो अब सेवा तीर्थ के नाम से जाना जाएगा उसके मुताबिक, ये बदलाव सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर नहीं बल्कि नैतिक और सांस्कृतिक भी होगा. बताया जा रहा है कि पीएमओ यानि सेवा तीर्थ जो पिछले 78 सालों से साउथ ब्लॉक में था अब नए एडवांस कैंपस में स्थापित होगा.
इससे पहले राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्यपथ किया जा चुका है
मोदी सरकार ने इससे पहले राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया था. राजपथ का नाम बदले जाने के पीछे मकसद था पावर को ड्यूटी और जिम्मेदारी में बदलना. वहीं पीएम का जो आधिकारी निवास स्थल रेस कोर्स रोड कहा जाता था उसे साल 2016 में लोक कल्याण मार्ग कर दिया गया था.
