- अंबिकापुर की महिला समूह ने गांव को गोद लिया, जरूरतमंदों को बांटे कंबल और बच्चों को शिक्षण सामग्री
- शिक्षिका की पहल से पहाडी कोरवा बाहुल्य गांव को गोद लेकर हो रही समाज सेवा
सरगुजा: जिले में अंबिकापुर की महिलाओं का समभाव महिला मंच पिछले दस साल से लगातार समाज सेवा में लगा है. करीब डेढ़ सौ महिलाओं का यह समूह हर साल मिलकर पैसा जोड़ता है और जरूरतमंद लोगों की मदद करता है. कभी अंगदान, कभी कपड़ों और कंबलों का वितरण किया जाता है.कूडपानी गांव में सेवा कार्य: इसी सिलसले में इस बार महिलाएं सरगुजा जिले के लुंड्रा विकासखंड के कूडपानी गांव पहुंचीं. गांव के मिडिल स्कूल के सहयोग से उन्होंने जरूरतमंद ग्रामीणों को कंबल और बच्चों को कॉपी-किताब और अन्य शिक्षण सामग्री वितरित की.

गांव को गोद लेने की घोषणा: समभाव मंच की महिलाओं ने बड़ी घोषणा करते हुए कूडपानी गांव को गोद लेने का निर्णय लिया. इससे पहले ये महिलाएं रामनगर गांव को गोद ले चुकी हैं और अब कूडपानी में जागरूकता और सहयोग से संबन्धित कई कार्यक्रम करेंगी.
मैडम लोग आए थे और कंबल दिए, बहुत अच्छा लगा.- ग्रामीण सोमारू
आज कंबल मिला, आगे भी आते रहेंगे तो और भी अच्छा लगेगा.- राम प्रसाद
प्रधान पाठिका ममता गुप्ता की पहल: कूडपानी मिडिल स्कूल की प्रधान पाठिका ममता गुप्ता लगातार गांव और स्कूल की स्थिति सुधारने की कोशिश कर रही थीं. गांव में पहाड़ी कोरवा जनजाति की संख्या अधिक है और उनकी स्थिति काफी कमजोर है. ममता गुप्ता ने यह स्थिति मंच की सदस्य वंदना दत्ता को बताई जिसके बाद यह सेवा कार्यक्रम आयोजित हुआ.
समभाव महिला मंच 6 दिसंबर 2015 से चल रहा है. हर साल स्थापना दिवस के अवसर पर कंबल वितरण होता है. हर धर्म और समाज की महिलाएं इस मंच का हिस्सा हैं. अब सभी सदस्यों ने मिलकर कूडपानी गांव को गोद लेने का निर्णय लिया है.- वंदना दत्ता
गांव में किए जाएंगे जागरूकता कार्यक्रम: गांव को गोद लेने के बाद मंच की महिलाएं नशा मुक्ति पर जागरूकता, शासन की योजनाओं की जानकारी देना, किशोरों को सही दिशा देना, जरूरतमंदों की पढ़ाई, बीमारी और बेटियों की शादी में मदद जैसे काम नियमित रूप से करेंगी.
