- छत्तीसगढ़ में चालू खरीफ सीजन की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश की सहकारी समितियों में सभी तरह की खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
- खरीफ सीजन के लिए राज्य शासन द्वारा सहकारिता क्षेत्र के लिए रासायनिक उर्वरक का लक्ष्य 10 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चालू खरीफ सीजन की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश की सहकारी समितियों में सभी तरह की खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि प्रदेश के किसानों को सुलभता से उर्वरक वितरण सुनिश्चित किया जावे।

खरीफ सीजन के लिए राज्य शासन द्वारा सहकारिता क्षेत्र के लिए रासायनिक उर्वरक का लक्ष्य 10 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध 3 जून तक की स्थिति में कुल लक्ष्य का 55 प्रतिशत उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। किसानों को 1.80 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। राज्य में सहकारी समितियों के गोदाम में पर्याप्त रासायनिक खाद का स्टाक उपलब्ध है।
किसान खाद का अग्रिम उठाव कर लें
बरसात की संभावना को ध्यान में रखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि निर्धारित मात्रा के अनुरूप समितियों से खाद का अग्रिम उठाव कर लें। किसानों द्वारा संतुलित उर्वरक का उपयोग किया जाए। रासायनिक उर्वरकों के साथ अन्य उपाय जैसे हरी खाद, जैव उर्वरक, नीलहरित काई आदि के उपयोग हेतु प्रेरित किया जा रहा है।
इतनी मात्रा में खाद
प्रदेश में वर्तमान स्थिति में यूरिया 251499 टन, डीएपी 69261 टन, इफको 119882 टन, पोटाश 38992 टन एवं सुपरफास्फेट 76297 टन का भंडारण किया गया, जिसमें से यूरिया 82623 टन, डीएपी 24957 टन, इफको 35809 टन, पोटाष 13762 टन एवं सुपरफास्फेट 23735 टन का वितरण किसानों को किया जा चूका है। समितियों के गोदाम में यूरिया 168876 टन, डीएपी 44304 टन, इफको 84073 टन, पोटाश 25230 टन एवं सुपरफास्फेट 52562 टन स्टाक उपलब्ध है।
सभी जिलों में लगेंगे केसीसी कैंप
कृषि विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी निर्देश अनुसार प्रदेश के सीमांत कृषकों को यूरिया एवं डीएपी एक बार में ही एक मुश्त प्रदान किया जावे। प्रदेश के लधु किसानों को निर्धारित मात्रा में यूरिया 2 किश्त में प्रदान किया जावें। बड़े कृषक जिनकी भूमिधारिता 5 एकड़ से अधिक है, को निर्धारित मात्रा में से यूरिया 3 किश्त में प्रदाय किया जाए। इसके अतिरिक्त सहकारिता मंत्री ने सभी जिलों में केसीसी के विस्तार हेतु कैप लगाने व सुशासन तिहार में अधिक से अधिक कृषकों को पैक्स समितियों के सदस्यता बनाने के निर्देश दिये।
