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  • हिंसा नहीं, विकास बनेगा सुकमा की नई पहचान : उपमुख्यमंत्री शर्मा
  • छत्तीसगढ़

हिंसा नहीं, विकास बनेगा सुकमा की नई पहचान : उपमुख्यमंत्री शर्मा

Nkc News Desk January 8, 2026

रायपुर,  बस्तर के अति संवेदनशील इलाकों में विकास की नई किरण पहुंचाने के संकल्प के साथ उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा आज सुकमा ले के जगरगुंडा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बैठक में आए पारंपरिक समाज प्रमुखों गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा और जनप्रतिनिधियों के साथ आत्मीय मुलाकात की। जिसमें समाज प्रमुखों ने हिंसा के दौर में विकास के गांव तक नहीं पहुंचने के संबंध में विस्तारपूर्वक बताया। उन्होंने बताया कैसे पहले कोई भी विकास कार्य ग्राम में आता तो नक्सलियों द्वारा उनको कभी पूरा होने नहीं दिया जाता था। जिससे ग्राम में आधारभूत सुविधाओं का भी आभाव है। जिस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अब हिंसा नहीं बल्कि विकास सुकमा की नई पहचान बनेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन द्वारा ऐसे क्षेत्रों में जहां विकास माओवादी गतिविधियों के कारण बाधित हो गया था, उनके लिए तीव्र विकास हेतु नियद नेल्ला नार योजना चलाई जा रही है। जहां सुरक्षा कैंप केवल नक्सलवाद को रोकने के लिए नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुँचाने के ‘सुविधा केंद्र’ के रूप में कार्य कर रहे हैं और कई गांव जहां सड़क, बिजली, पेयजल की समस्या थी वहां अब ये सुविधाएं पहुंच रहीं हैं।
उन्होंने आगे बताया कि शासन द्वारा ऐसे ग्राम जो अपने सभी भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाकर खुद को ‘सशस्त्र नक्सल हिंसा मुक्त’ घोषित करेंगे, उन्हें इलवद पंचायत योजना से 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विकास राशि प्रदाय की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित जनपद सदस्य को 10 लाख और जिला पंचायत सदस्य को 15 लाख रुपये की राशि क्षेत्र के विकास हेतु प्रदान की जाएगी। यह राशि गाँव के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढाँचे के लिए सीधे उपयोग की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि बस्तर अंचल के वनोपजों से ग्रामीण केवल वनोपज संग्राहक से अब व्यवसायी बनने का सफर तय कर रहे हैं, बस्तर के गांवों में विकास का मॉडल तैयार हो रहे हैं। अब ग्रामीण केवल वनोपज इकट्ठा नहीं करेंगे, बल्कि गांवों में ही प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर उत्पादक और व्यवसायी बनेंगे। गांव के वनोत्पादों को भी उचित मूल्य प्राप्त होगा, प्रसंस्करण से अभी के मुकाबले 4 से 5 गुना अधिक लाभ ग्रामीणों को प्राप्त होगा।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने समाज प्रमुखों से आग्रह किया कि अब हिंसा को रोकना आवश्यक है, वे जंगलों में भटक रहे युवाओं को पुनर्वास नीति का लाभ उठाने और देश के विकास में भागीदार बनने के लिए प्रेरित करें, ताकि सभी का विकास शासन के साथ मिलकर सुनिश्चित किया जा सके।

50 ग्रामीणों को मिले उन्नत किस्म के पौधे
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत समाग्री का भी वितरण किया। जिसमें उन्होंने किसानों को उन्नत किस्म के मूंग और उड़द के बीज प्रदान किए, उद्यानिकी विभाग की ओर से 50 कृषकों को टमाटर और बैंगन के उन्नत किस्म के पौधे वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त 17 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किया गया। 5 ग्राम समूहों को पावर वीडर, 5 संकुल संगठनों को 10 लाख रुपए, 76 समूहों को 11.40 लाख रुपए की रिवोल्विंग फंड, 63 समूहों को 37.80 लाख रुपए की सीआईएफ राशि, 6 समूहों को बैंक लिंकेज के तहत A8 लाख रुपए की राशि भी उनके द्वारा प्रदान की गई।

40 लोगों को मोतियाबिंद के इलाज के लिए विशेष बस द्वारा उपमुख्यमंत्री ने किया रवाना
नियद नेल्ला नार योजना के तहत संवेदनशील ग्रामों को मोतियाबिंद मुक्त बनाने के लिए मिशन दृष्टी के तहत विशेष बस को उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा संचालित यह बस सिलगेर, कोंडासावली, तिमापुरम जैसे दुर्गम इलाकों के दोनों आँखों से मोतियाबिंद के मरीजों को विशेष बस द्वारा जिला अस्पताल पहुंचा कर उपचार कराया जाएगा। इसके तहत 40 लोगों के दल को आज रवाना किया गया। जहां उनका पूर्ण उपचार किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने हितग्राहियों से बात कर सभी का हाल जाना और उन्हें पूर्ण उपचार करवाने की सलाह दी।

उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पीएचसी बुरड़ी, गगनपल्ली और किस्टाराम को एनक्यूएएस सर्टिफिकेट प्रदान किया
स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पीएचसी बुरड़ी, गगनपल्ली और किस्टाराम को उपमुख्यमंत्री ने नेशनल क्वालिटी एसस्यूरेंश स्टैण्डर्ड (एनक्यूएएस) सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्वास्थ्यकर्मियों के क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की भी जानकारी ली एवं उन्हें उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष कोंटा श्रीमती कुसुमलता कोवासी, नगर पालिका परिषद सुकमा अध्यक्ष श्री हुंगाराम मरकाम, नगर पंचायत दोरनापाल अध्यक्ष श्रीमति राधा नायक, जिला पंचायत सदस्य श्री कोरसा सन्नू, श्री हुंगा राम मरकाम, सरपंच जगरगुंडा नित्या कोसमा, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री भीम सिंह, एडीजी श्री विवेकानंद सिन्हा, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री पी सुंदरराज, संचालक श्री अश्विनी देवांगन, कलेक्टर श्री अमित कुमार, एसपी श्री किरण चव्हाण, जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे, श्री नूपुर वैदिक, श्री विश्वराज चौहान, श्री बलिराम नायक, श्री रंजीत बारठ तथा अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

Tags: उपमुख्यमंत्री शर्मा विकास सुकमा नई पहचान हिंसा

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CDS जनरल अनिल चौहान हुए रिटायर, कहा- बहुत संतोषजनक और शानदार रहा कार्यकाल
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CDS जनरल अनिल चौहान हुए रिटायर, कहा- बहुत संतोषजनक और शानदार रहा कार्यकाल

May 30, 2026
मोदी सरकार के 12 साल पर भाजपा का मेगा प्लान, देशभर में चलाएगी व्यापक जनसंपर्क अभियान
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मोदी सरकार के 12 साल पर भाजपा का मेगा प्लान, देशभर में चलाएगी व्यापक जनसंपर्क अभियान

May 29, 2026

ओनर: स्नेहलता पटेल
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Address: K-13, Moti Nagar, In front of Sharda petrol pump, beside Neha medical, Raipur, Chhattisgarh 492001.
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  • ग्राम पंचायत विजयनगर में जनसमस्या निवारण शिविर में कृषि मंत्री हुए शामिल* जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती अपनाने किया प्रेरित जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण ही सुशासन की पहचान – मंत्री श्री नेताम बलरामपुर, सुशासन को जन-जन तक पहुँचाने एवं आमजनों की समस्या का त्वरित निराकरण और शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर तक सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम पंचायत विजयनगर में कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, अन्य जनप्रतिनिधिगण, वनमण्डलाधिकारी श्री आलोक बाजपेई, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए। इस दौरान शिविर में विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने स्टालों का अवलोकन कर प्राप्त आवेदनों एवं निराकरण की जानकारी ली। इस दौरान 05 बच्चों का अन्नप्राशन, 05 गर्भवती माताओं के गोदभराई की रश्म की गई। साथ विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया गया। शिविर में मंत्री रामविचार नेताम ने संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और यही सुशासन की वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि शासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने एग्रीस्टेक में किसानों को पंजीयन कराने की बात कही उन्होंने कहा कि पंजीयन के अभाव में कई महत्वपूर्ण योजनाओं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, धान खरीदी, खाद-बीज प्राप्त करने में कठिनाई आ सकती है उन्होंने एग्रीस्टेक में अवश्य रूप से पंजीयन करने की बात कही। मंत्री श्री नेताम ने रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए किसानों को जैविक खाद एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखती है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित उत्पादन भी सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अपनी आय में भी वृद्धि कर सकते हैं। मंत्री श्री नेताम ने किसानों को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए टपक सिंचाई पद्धति अपनाने तथा दलहन सहित अन्य फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने की सलाह दी। उन्होंने जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि आवश्यकता के अनुरूप उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उनका संरक्षण सुनिश्चित हो सके। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेने की बात कही। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जनता के प्रति जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, मांगें और शिकायतें प्रस्तुत की। जिनका संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया गया। साथ ही शेष आवेदनों को निराकरण किया जा रहा है। सुशासन शिविर बना जल संरक्षण, जैविक खेती और स्वच्छता का जनजागरूकता मंच प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दे रहा सुशासन तिहार आम जनता की सहूलियत के लिए आयोजित किए जा रहे सुशासन शिविर अब सिर्फ समस्याओं के समाधान तक ही सीमित नहीं रह गया हैं, बल्कि ग्रामीणजनों को पर्यावरण संरक्षण के लिए भी जागरूक कर रहा है। रामचन्द्रपुर विकासखंड के विजयनगर में लगे सुशासन शिविर में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण, नील हरित शैवाल, ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन से जुड़े कई जीवंत मॉडल प्रदर्शित किया गया। शिविर में जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के लिए 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर के साथ-साथ सोख्ता गड्ढा, जैविक खेती के लिए नील-हरित शैवाल और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के जीवंत मॉडलों ने ग्रामीणों को आकर्षित किया। शिविर में जल संरक्षण की एक और बेहद आसान और असरदार तकनीक 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर, सोख्ता गड्ढा का सजीव मॉडल बनाकर लोगों को जागरूक किया गया। जो अतिरिक्त पानी या बारिश के जल को संरक्षण का बेहतर तरीका है। शिविर में बने इस मॉडल को देखकर कई ग्रामीणों ने इसे अपने घरों और हैंडपंपों के पास बनाने की बात कही। कृषि विभाग द्वारा नील-हरित शैवाल बनाने की जानकारी दी गई।। शिविर में एक छोटा तालाबनुमा ढांचा बनाकर इसे तैयार करने और इस्तेमाल करने की विधि दिखाई गई। साथ ही हरी खाद और संतुलित उर्वरक के सम्बंध में भी बताया गया। किसानों को बताया गया कि धान की फसल के लिए यह एक बेहतरीन प्राकृतिक नाइट्रोजन देने वाला जैव उर्वरक है। इसके इस्तेमाल से न केवल मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है और फसल की पैदावार सुधरती है, खेती की लागत कम करने का यह तरीका मौजूद किसानों को बेहद पसंद आया। पर्यावरण को साफ-सुथरा और सेहतमंद बनाए रखने के लिए शिविर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के तहत कचरा प्रबंधन का भी सजीव प्रदर्शन किया गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि कैसे वे अपने घरों के गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करके पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते हैं। अलग-अलग रंगों के डस्टबिन के माध्यम से गीले कचरे से जैविक खाद बनाने और सूखे या खतरनाक कचरे के सही निपटान की जानकारी दी गई।
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